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महिलाओं ने 132 साल पहले आज के ही दिन पहली बार की थी वोटिंग, भारत समेत इन देशों में कब मिला मताधिकार ?

Women Voting Rights: दुनिया में सबसे पहले राष्ट्रीय चुनाव में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार न्यूजीलैंड में मिला था। भारत में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार 1935 में कुछ शर्तों के साथ मिला। कई देशों में हाल के वर्षों में महिलाओं को मताधिकार प्राप्त हुआ।

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Women Voting History

मतदान करती हुईं महिलाएं (Rpresentative Photo: IANS)

Women Voting Rights History: दुनिया भर में महिलाओं ने अधिकार पाने के लिए बहुत संघर्ष किया है। इन अधिकारों में वोटिंग करने का अधिकार भी शामिल है। आइए जानते हैं कि दुनिया के किन देशों में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार (Women Suffrage Timeline) कब मिला?

सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का अधिकार कहां मिला?

Global Women Voting Rights: दुनिया में सबसे पहले न्यूजीलैंड में महिलाओं को राष्ट्रीय चुनावों में सबसे पहले वोटिंग का अधिकार मिला। 19 सितम्बर 1893 को गवर्नर लॉर्ड ग्लासगो ने एक नए निर्वाचन अधिनियम पर हस्ताक्षर कर उसे कानून बना दिया और न्यूजीलैंड विश्व का पहला स्वशासित देश बन गया। यहां संसदीय चुनावों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार हासिल हो गया। यहां महिलाओं ने पहली बार 28 नवंबर 1893 को सरकार बनाने के लिए पहली बार राष्ट्रीय चुनाव में मतदान किया।

अमेरिका में 1920 में महिलाओं को मिला वोटिंग का अधिकार

संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली महिला वोटर बनने का गौरव लुईसा एन स्वैन को प्राप्त है। उन्होंने 6 सितम्बर 1870 को लारमी, व्योमिंग क्षेत्र में नगर पालिका चुनाव में अपना वोट डाला था। हालांकि अमेरिका में 1920 में 19वें संशोधन के पारित होने के बाद महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिला। 1893 से लेकर 1920 तक कम से कम 19 अन्य देशों में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिला। इन 19 देशों में यूरोप और एशिया के कुछ देश शामिल थे।इसके अलावा 8 देशों में कुछ विशेष महिलाओं को ही मताधिकार प्राप्त हुआ। रूस में 1917 में बॉल्शेविक क्रांति के बाद कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार बनने के बाद सोवियत संघ के अन्तर्गत 6 देशों में महिलाओं को मताधिकार प्राप्त हुआ। रूस ने खुद अपने यहां 1917 में महिलाओं को मताधिकार का अधिकार दे दिया।

इस अवधि में 129 देशों में महिलाओं को मिला मताधिकार

प्यू रिसर्च के अनुसार, दुनिया के 198 में से 129 देशों में से 1893 और 1960 के बीच महिलाओं को मतदान का अधिकार दिया गया। इसमें छह यूरोपीय देशों को छोड़कर बाकी सभी शामिल हैं। 1960 के बाद यूरोपीय देशों में स्विट्ज़रलैंड (1971), पुर्तगाल (1976) और लिकटेंस्टीन (1984) में महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिला।

80% अफ्रीकी देशों में इन दशकों में मिले अधिकार

African Women Voting Rights: दुनिया के कई देशों में महिलाओं को राष्ट्रीय चुनावों में मतदान का अधिकार बड़े सांस्कृतिक या सरकारी बदलावों के बाद ही मिले। उदाहरण के लिए अफ़्रीकी देशों में से 80% देशों ने 1950 और 1975 के बीच पुरुषों के साथ महिलाओं को मताधिकार दिए।

यहां हाल के वर्षों में महिलाओं को मिला मतदान का अधिकार

Asian Countries Women Voting Rights : भूटान, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत में हाल ही में महिलाओं को राष्ट्रीय चुनावों में भाग लेने की अनुमति दी गई है। भूटान और संयुक्त अरब अमीरात में राष्ट्रीय चुनाव ही हाल में शुरू हुए हैं। भूटान में 2007 में राजतंत्र की जगह संसदीय लोकतंत्र की व्यवस्था बहाल हुई है। संयुक्त अरब अमीरात ने 2006 में देश के पहले राष्ट्रीय चुनावों में कुछ पुरुष और महिला नागरिकों को मतदान करने की अनुमति दी। कुवैत की संसद ने 2005 में एक चुनाव कानून में संशोधन किया, जिसके बाद से महिलाओं को मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार मिले।

सऊदी अरब में 2015 में महिलाओं को मिला मताधिकार

Saudi Arabia Women Voting Rights: सऊदी अरब में महिलाओं को 2015 में स्थानीय चुनावों में मताधिकार दिया गया। वहां राष्ट्रीय चुनाव होते ही नहीं हैं। वहीं दक्षिण सूडान की स्थापना 2011 में हुई लेकिन यहां महिलाओं को वोटिंग का अधिकार 45 साल पहले ही मिल गया था।

1935 में ही भारतीय महिलाओं को मिला मताधिकार पर…

Indian Women Voting Rights: अंग्रेजी राज के दौरान भारत में 1935 में पहली बार महिलाओं को मताधिकार मिला, लेकिन वो ही महिलाएं मतदान कर सकती थीं जिनकी शादी किसी पुरुष मतदाता से हुई हो या जिनके पास विशिष्ट साक्षरता योग्यता हो। हालांकि भारत को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद 1950 से पुरुषों के साथ महिलाओं को मताधिकार प्राप्त हो गए।

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