
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan : राजस्थान में 23 हजार से ज्यादा परिवारों की दिवाली बीते 16 साल से अधूरी है। वजह यह कि सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायक अब तक पक्की नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उनका 2008 में शुरू हुआ अस्थायी नियुक्तियों का सफर केवल नाम और वेतन बदलने तक ही सिमट कर रह गया। स्थायी नियुक्ति उन्हें अभी तक नहीं मिली। अब कर्मचारी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार एक आदेश जारी कर दे तो इस बार उनके घरों में भी खुशियों के दीप जगमगा उठेंगे। पक्की नौकरी का इंतजार करते-करते कई कर्मचारी तो रिटायर ही हो गए। लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हुई। वहीं इस दौरान अनेक कर्मचारियों का निधन तक हो चुका।
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