
बांसवाड़ा के आदिवासी आज भी तीर-कमान बनाकर किसी तरह जीवनयापन करते हैं। (Photo: Rajasthan Patrika, Designed: ChatGpt)
Tribal Story : तीर-कमान, गोफण-गुलेल… ये वे पारम्परिक हथियार हैं, जिन्हें इंसान ने सदियों पहले ईजाद किया, युद्धों और आत्मरक्षा में इस्तेमाल करते रहे, मगर हैरतअंगेज कि ये प्राचीन हथियार आज भी आदिवासी अंचल वागड़ के बांसवाड़ा जिले में बनते हैं, बिकते और इस्तेमाल भी हाेते हैं। ये प्राचीन हथियार कला का उम्दा नमूना भी हैं।
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