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अचानक व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप: खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का अलर्ट, एडवाइजरी जारी, अब क्या होने वाला है?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अमेर‍िकी दूतावासों ने नागर‍िकों की सुरक्षा के ल‍िए अलर्ट जारी क‍िया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'X' पर इसकी जानकारी दी है।
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भारत

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Vinay Shakya

Sep 20, 2026

US bases under attack alert

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के मुताब‍िक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अमेर‍िकी दूतावासों ने नागर‍िकों की सुरक्षा के ल‍िए अलर्ट जारी क‍िए है। IRIB ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'X' पोस्‍ट में ल‍िखा- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण, लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं।

IRGC ने जारी की चेतावनी

IRGC के एक सैन्य अधिकारी व लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी के अनुसार, ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है। ईरान ने पिछले एक घंटे में IRGC, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल 'कोड 100' जारी किया है। जोल्फागारी के अनुसार, ट्रंप अचानक 'कैंप डेविड' के दौरे शनिवार रात व्हाइट हाउस लौट आए।

नेतन्याहू ने अपनी यात्रा सीमित की

इजरायली राष्‍ट्रपत‍ि नेतन्याहू ने भी अपनी अमेरिका यात्रा सीमित कर दी है और वे वापस स्वदेश लौट रहे हैं। वहीं, इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया क‍ि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात पेचीदा बने हुए हैं और कभी भी स्थिति अचानक बिगड़ सकती है। जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्‍यादा सतर्क रहना चाहिए और फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने एवं यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।

अमेरिकी दूतावास ने क्या कहा?

अमेरिकी दूतावास ने कहा क‍ि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है। यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है। इस क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं। ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं। इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं।