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घर पहुंचते ही आप जूते उतार देते हैं या सीधे कमरे में चले जाते हैं? दूसरी वाली आदत कर सकती है बीमार, जानिए कैसा खतरा?

Shoes in house health risk: क्या आपने कभी खुद से पूछा है जूते पहनकर घर में घूमना कितना सही है? क्या आपको लगता है जूते कितने गंदे हैं? अगर आप भी करते हैं जूते पहने हुए घर में एंट्री तो अब आपको अपना सवाल बदलना होगा, जानिए खुद से क्या पूछें और कैसे जल्द से जल्द छूट जाएगी आपकी ये बुरी आदत
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भारत

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Sanjana Kumar

Aug 13, 2026

Shoes in house

Shoes in house: गंदे जूतों लेकर घर में एंट्री से कैसा खतरा? (AI Creative)

Shoes in house health risk: अगर जूते पहनकर घर में एंट्री करना आपकी रोज की आदत है तो एक बार अपने जूतों के तलवे पर नजर जरूर डालिए। सड़क, बाजार, ऑफिस, अस्पताल, सार्वजनिक शौचालय, पार्क और न जाने कितनी जगहों से होकर गुजरने वाला यही तलवा आखिरकार आपके घर के फर्श पर भी चलता है। सवाल यह नहीं कि जूते गंदे हैं या नहीं। असली सवाल है, बाहर की दुनिया से जूतों के साथ आपके घर में आखिर क्या-क्या पहुंच रहा है?

जूते सिर्फ मिट्टी नहीं लाते

वैज्ञानिक शोधों में जूतों के तलवों पर अलग-अलग तरह के माइक्रोऑर्गेनिज्म्स और कॉन्टेमिनेंट्स पाए गए हैं। 2016 में प्रकाशित एक systematic review ने उपलब्ध अध्ययनों की समीक्षा की। इसमें पाया कि जूते के तलवे कुछ परिस्थितियों में इंफेक्शन फैलाने वाले एजेंट्स के वाहक हो सकते हैं। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे सीधे बीमारी फैलने का जोखिम कितना है, यह अलग सवाल है और इसके लिए और अध्ययन की जरूरत है। यानी जूते को 'बीमारी की मशीन' समझना गलत होगा, लेकिन यह मान लेना भी ठीक नहीं कि तलवे सिर्फ धूल लेकर आते हैं।

एक जोड़ी जूते ने दो हफ्ते में क्या जमा किया?

यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना से जुड़े एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने जूतों के तलवों पर बैक्टिरिया की मौजूदगी की जांच की थी। रिपोर्ट किए गए प्रयोग में दो सप्ताह तक पहनी गई नई जोड़ी के तलवों पर बड़ी संख्या में बैक्टिरियल यूनिट्स पाए गए।

यह आंकड़ा डराता जरूर है, लेकिन शोधकर्ता कहते हैं कि डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि बैक्टिरिया का मिलना और उससे इंसान को बीमारी होना एक ही बात नहीं है।
लेकिन यह जरूर समझ आता है कि जूते घर के फर्श तक बाहरी प्रदूषण पहुंचाने का रास्ता बन सकते हैं।

कहानी सिर्फ जर्म्स की भी नहीं है

जूते बाहर से सिर्फ माइक्रोब्स नहीं उठा सकते। कुछ परिस्थितियों में वे मिट्टी, धूल, रसायनों और दूसरे पर्यावरणीय प्रदूषण को भी घर के अंदर ला सकते हैं। अमेरिका की CDC की NIOSH guidance खास तौर पर ऐसे कामगारों को घर में काम वाले शूज पहनकर न जाने की सलाह देती है, जिनके कार्यस्थल पर लीड एक्सपोजर हो सकता है। इसका कारण यह है कि लीड की डस्ट जूतों, कपड़ों और दूसरी चीजों के जरिए घर तक पहुंच सकती है।

इसी तरह CDC की पेस्टिसाइड्स गाइडेंस भी बताती है कि पेस्टिसाइड्स जूतों और कपड़ों के जरिए घर में पहुंच सकते हैं। CDC इसीलिए खेती, निर्माण, पेंटिंग, औद्योगिक काम या रसायनों के संपर्क वाले लोगों के लिए काम के दौरान पहने जाने वाले शूज को घर के बाहर रखना सामान्य व्यक्ति की तुलना में ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

फिर क्या हर किसी को घर में जूते उतार देने चाहिए?

यहां भी जवाब सीधा 'हां' या 'नहीं' नहीं है। अगर घर में छोटे बच्चे हैं और वे फर्श पर खेलते हैं, रेंगते हैं या हाथ बार-बार फर्श पर लगाते हैं, तो बाहर के जूतों से अंदर आने वाली मिट्टी और प्रदूषण को कम करना व्यावहारिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। इसी तरह जिन घरों में फर्श पर कारपेट या ऐसी सतहें हैं जिन्हें बार-बार साफ करना मुश्किल है, वहां बाहर के जूतों से आने वाली गंदगी ज्यादा देर तक बनी रह सकती है।

लेकिन सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए घर में जूते पहनना अपने-आप में बीमारी का प्रमाणित कारण नहीं है। जोखिम व्यक्ति, वातावरण, जूते किस जगह पहने गए और घर की सफाई जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।

सबसे आसान उपाय क्या?

इसके लिए कोई महंगा उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं। घर के प्रवेश द्वार पर जूते रखने की जगह बनाइए। बाहर पहने जाने वाले जूते और घर में इस्तेमाल होने वाली चप्पल अलग रखिए। अगर किसी ऐसे काम से लौटे हैं जिसमें मिट्टी, रसायन या लीड जैसी चीजों के संपर्क की संभावना है, तो जूते घर के अंदर ले जाने से बचना ज्यादा जरूरी है।

और एक जरूरी बात

जूते का तलवा साफ दिखाई दे रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि वह माइक्रोबायोतॉजिकली भी क्लीन होगा। तो अगली बार दरवाजे पर क्या करेंगे? दरवाजे पर जूते उतारना सिर्फ किसी खास देश या संस्कृति की परंपरा नहीं है। इसके पीछे एक व्यावहारिक स्वच्छता तर्क भी है, जो चीज बाहर की सतहों पर चलती है, उसे घर के अंदर लाने से पहले रोक देना। इसका मतलब यह नहीं कि घर में जूते पहनने वाला हर व्यक्ति बीमार पड़ेगा। बात सिर्फ इतनी है कि अगर कुछ सेकंड में बाहर की मिट्टी और प्रदूषण को घर के अंदर आने से रोका जा सकता है, तो दरवाजे पर जूते उतारना एक आसान सुरक्षित आदत हो सकती है।

तो अगली बार घर लौटते समय सवाल आपका सवाल यह नहीं होना चाहिए कि जूते कितने गंदे हैं, आपको खुद से सवाल करना चाहिए 'आज ये जूते कहां-कहां होकर आए हैं?'