
केपटाउन के न्यूलैंड्स क्रिकटे मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 72 रनों से पराजित कर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की थी। पिछले मैच में नजर डाली जाए, तो भारत के तेज गेंदबाजों ने अपनी भूमिका बखूभी निभाई थी, लेकिन उसके बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाए।

दक्षिण अफ्रीका के कोच ओटिस गिब्सन ने कहा था कि वह चार तेज गेंदबाजों के साथ आगे के मैच खेलना चाहेंगे। अगर मेजबान टीम की यहीं रणनीति है, तो भारत के लिए दूसरा टेस्ट जीतना नामुमकिन हो सकता है, क्योंकि दूसरी पारी में डेल स्टेन जैसे दिग्गज गेंदबाज की अनुपस्थिति के बावजूद दक्षिण अफ्रीका ने पहले टेस्ट में भारत को घुटने टेकने पर मबजबूर कर दिया था।

भारतीय टीम को दूसरा टेस्ट मैच जीतने के लिए अपनी बल्लेबाजी मजबूत करनी होगी, ताकि वह 208 रनों जैसे लक्ष्य को हासिल करने में चूके न। साल 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पदार्पण मैच में शतक लगाने वाले भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का मानना है कि टीम के लिए इस सीरीज में वापसी की उम्मीद न के बराबर है।

उनका कहना है कि सेंचुरियन टेस्ट मैच में भारत को छह बल्लेबाजों और चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए। दूसरे टेस्ट मैच के लिए बल्लेबाजों को सलाह देते हुए सहवाग ने कहा कि उन्हें ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंद को नहीं छोड़ना चाहिए और स्ट्रेट ड्राइव तथा फ्लिक खेलना होगा।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के लिए भारत को अजिंक्य रहाणे को उतारना होगा। इसके अलावा, कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा को भी बड़ी भूमिका निभानी होगी।

भारत के पास भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और हार्दिक पांड्या जैसे तेज गेंदबाज हैं, जो दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने से रोक सकते हैं। उन्होंने यह काम पहले टेस्ट मैच में बखूबी किया था। हालांकि, भारत के स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन पहली पारी में दो विकेट लेने में सफल रहे, लेकिन दूसरी पारी में किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों की बात की जाए, तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए पिछले टेस्ट मैच में नौ विकेट लेने वाले वर्नोन फिलेंडर दूसरे टेस्ट में भी सबसे बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।

टीम: भारत : विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, पार्थिव पटेल, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या, लोकेश राहुल।