
राजस्थान एक नाम ही नहीं बल्कि इतिहास के पन्नों पर अंकित वीरों की कहानी बताने वाली एक ऐसी जगह है, जहां अनेकों वीर पुत्रों ने अपनी माटी की आन-बान और शान के अपने प्राणों तक की बलि दे दी। तो वहीं इन वीर भूमि में ऐसी भी महिलाओं ने जन्म लिया, जो ना केवल अपनी हुनर का लोहा दुनिया में मनवाया बल्कि अपने लिए गए फैसलों से हमेशा के लिए अमर भी हो गईं। ये महिलाएं कभी भी किसी मुश्किलों से घबराई नहीं बल्कि उसे दुनिया के सामने उभरने का एक अनोखा जरिया बनाया। तो वहीं इनके योगदान के लिए इन्हें आज भी जाना जाता है। कुछ महिलाएं तो अब भी इस माटी का नाम रोशन कर रही हैं। इन महिलाओं ने उस जमाने में घर की चौखट से बाहर निकल अपने लिए मुकाम हासिल किया। जब यहां पुरुष समाज का बोलबाला था। इसके अलावा कुछ वीरांगनाओं ने तो अपने ऐताहिसक फैसले और वीरता से राजस्थानी माटी को एक नया पहचान दिलाया। आइए जानते हैं इन साहसी महिलाओं के बारे में...







कालबेलिया नर्तकी गुलाबो- राजस्थान की आन, बाण, शान कही जाने वाली प्रसिद्ध कालबेलिया नर्तकी गुलाबो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। इन्होंने राजस्थान ही नहीं बल्कि यहां की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर नई पहचान दिलाने में भी कामयाब रही। इन्हें पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा और कई उलब्धियों से नवाजा गया है।

चंदा कोचर- एमबीए और कॉस्ट एकाउन्टेन्सी में शिक्षा हासिल कर जमनालाल बजाज प्रबन्धन संस्था से प्रबन्धन के क्षेत्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इनकी योग्यता को देखते हुए प्राइवेट सेक्टर प्रमुख बैंक आईसीआईसीआई ने इन्हें अपना उप प्रबंध निदेशक बनाया। फिलहाल वो आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी ऑफिसर (सीईओ) और प्रबन्ध निदेशक (एम डी) हैं।