
राजस्थान पत्रिका के दो दिवसीय पान बाहर डांडिया महोत्सव का धमाकेदार आगाज शनिवार को कायलाना रोड स्थित होटल सिद्धार्थ इंटरनेशनल में हुआ।

रंग-बिरंगी चकाचौंध रोशनी में हाईफ ाई डीजे पर गूंजती भक्ति धुनों के बीच डांडिया महोत्सव के पहले दिन सारा शहर झूम उठा।

शारदीय नवरात्र में गुजरात की लोक संस्कृति उस समय जीवंत हो उठी, जब युवक युवतियों की टीमें और दर्शक डांडिया पर झूमने लगे।

मां चामुंडा की आरती के बाद परंपरागत गरबा-डांडिया नृत्य का दौर लगातार करीब तीन घंटे तक थमने का नाम नहीं ले रहा था।

गुलाबी सर्द बयार के बीच थारे बिना श्याम एक लड्डू लागे रास रमवा ने बेगो आईजे..., पंछिड़ा तू उड़ न जाइजे पावागढ़ रे..., पूनम ना चांद ने चमके आठम नी पोर..., टिलड़ी रे म्हारा नैना..., म्हारी महिसागर नीं आडे ढोल वागै..., चालो पेला गरबा रमवा जई ने... जैसे पारम्परिक गुजराती भक्ति गीतों की धुन पर हर मस्ती से लबरेज नजर आया।

बॉलीवुड और पंजाबी धुनों पर आधारित मां जगदम्बे की आराधना से जुड़े नॉन स्टॉप रीमिक्स गीतों पर गरबा का रंग परवान चढ़ता गया।

सधे कदमों पर गरबा की ताल की ऐसी धूम मची कि हर कोई अपनी मस्ती में खोता चला गया।

महोत्सव में शरीक होने के लिए पहुंचे शहरवासियों से समूचा परिसर खचाखच रहा।

राजस्थान पत्रिका के दो दिवसीय पान बाहर डांडिया महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को भी सिद्धार्थ इंटरनेशनल परिसर में डांडिया और गरबा के रंग निखरेंगे।

मुख्य अतिथि सीमा सुरक्षा बल जोधपुर मुख्यालय डीआईजी रवि गांधी, महापौर घनश्याम ओझा, जेडीए अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रसिंह राठौड़, एम्स उपनिदेशक एनआर विश्नोई होंगे।

सिद्धार्थ इंटरनेशनल होटल के मैदान परिसर में शाम ढलते ही युवतियां-महिलाआएं-बालिकाएं चनिया-चोली, घाघरा-ओढऩी तो युवा काठियावाड़ी धोती-कुर्ते में डांडिया खनकाने पहुंचे।

उमंग-उत्साह से लबरेज दिलकश डांडिया नृत्य के मस्त माहौल में गरबा-नर्तकों के पांव थमने के नाम नहीं ले रहे थे।

मखमली मैदान परिसर के अलावा विशाल मंच पर भी गुजराती भक्ति गीतों की लय ताल के अद्भुत समन्वय के बीच सधे कदमों की थिरकन पर मौजूद दर्शक भी झूमते रहे।

मैदान के एक हिस्से में राजस्थान पत्रिका के डांडिया प्रशिक्षण शिविर में प्रशिक्षित प्रतिभागी, तो दूसरे हिस्से में परिजनों के साथ पहुंचे लोग झूमते नजर आए।

डांडिया रास खेलने जोधपुर शहर के बाशिंदे उमड़ पड़े।