गणिनी आर्यिका विशुद्धमति का स्वर्णिम दीक्षा जयंती महोत्सव का शोभायात्रा के साथ आगाज …देखिए तस्वीरें
कोटा. बैण्ड-बाजे, हाथी-घोड़े, गंूजते जयकारे और रंग मं रंग मं रंग गयो रे थारा ही रंग में रंग गयो रे सरीखे भजनों की रसधार, मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करते श्रद्धालु, पेरड करती महिलाएं और महिलाओं के विशेष बैण्ड, लहराती धर्मध्वजाएं और आस्था, श्रद्धा, भक्ति और साधु संतों के प्रति समपर्ण।कुछ इसी तरह के माहौल में गुरुवार को शोभायात्रा के साथ साध्वी गणिनी आर्यिका विशुद्धमति का ५०वा स्वर्णिम संयम दीक्षा जयंती महोत्सव शुरू हो गया। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा पड़ा। हर कोई भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आया। विशेष परिधानों में सजी धजी महिलाएं, पुरुष और बच्चे, बुजुर्ग हर कोई भक्ति के समंदर में गोते लगाने को बैताब नजर आए। कोई भजनों के संग नृत्य कर अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति कर रहा था, कोई जयकारे लगाते हुए भक्ति के समंदर में डूबकी लगा रहा था। शोभायात्रा शुरू होने के पहले ही कॉमर्स कॉलेज रोड पर भक्ति का समंदर हिलौरे लेने था। सुबह पौ फटने के साथ ही श्रद्धालु तलवंडी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में जमा हो गए। करीब ७ बजे साध्वी विशुद्धमति व साध्वी विभाश्री के संघ के सान्निध्य में शोभायात्रा रवाना हुई। इसके साथ ही भक्ति का रंग श्रद्धालुओं पर चढऩे लग गया, जो शोभायायात्रा के गन्तव्य स्थान दशहरा मैदान तक पहुंचने तक जारी रहा।
इससे पहले तलवंडी स्थित दिगम्बर जैन मंदिर से साध्वी संघ के सान्निध्य में महोत्सव आयोजन समिति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जे के जैन, सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जैन नांता वाले, महामंत्री विनोद जैन टोरीड़ी, प्रचार समिति के मुख्य संयोजक नरेश जैन वेद, सकल दिगम्बर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष अजय बाकलीवाल, कैलाश चंद खेड़ा वाले, सुरेश चांदवाड़ राकेश जैन मडि़या व अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में शोभायात्रा करीब ७ बजे मंदिर से रवाना हुई। यह कॉमर्स कॉलेज रोड ,झालावाड़ रोड, एरोड्राम सर्किल, सीएडी रोड होते हुए दशहरा मैदान पहुंची, जहां ध्वजारोहण के साथ समारोह का आगाज हुआ।
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यूं उमड़ी भक्ति की लहरें
शोभायात्रा में सबसे आगे दीक्षा जयंती महोत्सव का बैनर लिए श्रद्धालु भक्ति का सदेश दे रहे थे। इंदौर का विशेष बैंण्ड, धर्मध्वजा लहराते ११ घुड़सवार चल रहे थे। करीब ६ हाथियों पर सौधर्म इन्द्र, चक्रवर्ती, झंडारोहण कर्ता, ईशान इन्द्र, सनतकुमार, महेन्द्र इन्द्र, धनपति कुबैर ठाठ के साथ सवार थे। शोभायात्रा में ३० से अधिक बग्घियां शामिल हुई। इनमें दो बग्घियों में दीक्षाथी भाग्यवती और उषा विराराजमान थी। शेष बग्घियों में अन्य इन्द्र इन्द्राणी सवार हुए।
स्वर्ण जडि़त रथ बिराजे श्रीजी
शोभायात्रा में अजमेर से लाया गया विशाल स्वर्ण जडि़त रथ लोगों को भक्ति की राह में आगे बढऩे का संदेश दे रहा था। इसमें श्रीजी विराजमान थे। साथ में चंवर ढुलाते जयकारे लगाते श्रद्धालु व सौधर्म इ्रन्द्र सवार थे। समिति के सुरेश चांदवाड़ व भागचंद लुहाडि़या रथ के साथ व्यवस्थाओं को अंजाम दे रहे थे।