
अक्षय तृतीया के शुभ दिन से चारधाम यात्रा प्रारंभ हो जाएगी। अक्षय तृतीया 7 मई को पड़ रही है और इसी दिन से यात्रा भी शुरू हो जाएगी। अक्षय तृतीया के दिन से गंगोत्री और यमनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। शीतकाल के 6 महीनों के बाद चारधाम के मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। हर साल की तरह इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करेंगे। वहीं यात्रा को लेकर सभी तैयारियां शुरू हो गई है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ के चार प्रमुख तीर्थस्थान शामिल हैं। लेकिन इसके अलावा भी इन स्थानों पर कई मंदिर स्थापित हैं, जिनके दर्शन करने से आपकी यात्रा सफल हो जाएगी। तो आइए जानते हैं वे प्रमुख मंदिर...
बदरीनाथ-केदारनाथ के अलावा भी है कई मंदिर
चारधाम यात्रा पर आपको ना सिर्फ बदरीनाथ, केदारनाथ के दर्शन का पुण्य मिलता है, बल्कि यदि आप चाहें तो अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों के दर्शन भी कर सकते हैं। जी हां, इन मंदिरों का भी बहुत अधिक पौराणिक महत्व माना जाता है। इन मंदिरों के लिए आपको कहीं अलग स्थान पर भी नहीं जाना। इनके दर्शन आपको बदरीनाथ और केदारनाथ के मार्ग पर ही हो जाएंगे। तो आइए जानते हैं बद्रीनाथ के रास्ते में कौन से मंदिर हैं और केदारनाथ जाने में कौन से मंदिरों के आप दर्शन कर पुण्य पा सकते हैं।
बदरीनाथ के पास स्थित मंदिर
भीमपुल, जोशीमठ, नृसिंह मंदिर, भविष्य ब्रदी मंदिर, इसके अलावा 5 प्रयागों में से रूद्रप्रयाग, देवप्रयाग केदार मार्ग पर और कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग और विष्णुप्रयाग बद्रीनाथ मार्ग पर पड़ते हैं।
केदारनाथ के पास स्थित मंदिर
केदारनाथ मार्ग पर विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, मदमहेश्वर मंदिर, महाकाली मंदिर कालीमठ, नारायण मंदिर, तुंगनाथ मंदिर शामिल है। चारधाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु और तीर्थ यात्री इन मंदिरों में भी जाते हैं।
Updated on:
05 May 2019 12:59 pm
Published on:
05 May 2019 12:58 pm
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