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आज पीपल पूर्णिमा पर बने ये शुभ मुहूर्त, हर काम में मिलेगी मनचाही सफलता

सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।
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Sunil Sharma

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Updated: 30 Apr 2018, 9:44 AM IST

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पूर्णिमा शुभ तिथि प्रात: ६.२८ तक, इसके बाद प्रथम ज्येष्ठ पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी। पूर्णिमा तिथि में सभी मांगलिक कार्य, अलंकार, चित्रकारी, प्रतिष्ठा, यज्ञकर्म, युद्ध व घर सम्बंधी कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं। इसी प्रकार कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा में भी सभी शुभ कार्य ग्राह्य है। नक्षत्र: स्वाति ‘चर व तिङ्र्यंमुख’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद २.४७ तक, तदुपरान्त विशाखा ‘मिश्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। स्वाति नक्षत्र में देवालय, विवाहादि मांगलिक कार्य, वस्त्रालंकार, बीजादि रोपण, वास्तु तथा अन्य घरेलू उत्सवादि शुभ रहते हैं। विशाखा में औषध सेवन आदि कार्य करने योग्य हैं।

योग: सिद्धि नामक नैसर्गिक शुभ योग प्रात: १०.२२ तक, इसके बाद व्यतिपात नामक नैसर्गिक अशुभ व बाधाकारक योग है। व्यतिपात योग की समस्त घडिय़ां शुभ कार्यों में त्याज्य हैं। विशिष्ट योग: यमघंट नामक अशुभ योग दोपहर बाद २.४७ से अगले दिन सूर्योदय तक तथा कुमार योग नामक शुभ योग दिन के २.४७ से है। करण: बव नामकरण प्रात: ६.२८ तक, इसके बाद बालव-कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : २०७५
संवत्सर का नाम : विरोधकृत्
शाके संवत् : 19४०
हिजरी संवत् : 143९,
मु.मास: सावान-१३
अयन : उत्तरायण
ऋतु : ग्रीष्म
मास : वैशाख। पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: आज स्वाति नक्षत्र में विवाह, गृहारम्भ, गृहप्रवेश, देवप्रतिष्ठा, विपणि-व्यापारारम्भ, मशीनरी प्रा., नवीन वाहनादि क्रय करना, प्रसूतिस्नान, सगाई, जलवा, मुंडन, हलप्रवहण, अन्नप्राशन व वधू-प्रवेश आदि के शुभ मुहूर्त हैं। आज पीपल पूनम का स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज सूर्योदय से प्रात: ७.३१ तक अमृत, प्रात: ९.०९ से पूर्वाह्न १०.४६ तक शुभ तथा दोपहर बाद २.०२ से सूर्यास्त तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५८ से दोपहर १२.५० तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज वैशाखी पीपल पूनम, सत्यव्रत, बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख स्नान समाप्त, मेला देवयानी सांभर (राज. में), ग्रीष्मोत्सव समाप्त माऊंट आबू (राज.) तथा धर्मराज प्रीत्यर्थ जल कुंभ दान। चन्द्रमा: चन्द्रमा संपूर्ण दिवारात्रि तुला राशि में है। दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पश्चिम दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: प्रात: ७.३० से ९.०० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (ता, ति, तू, ते) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि तुला है। दोपहर बाद २.४७ तक जन्मे जातकों का नक्षत्र पाया रजत व इसके बाद जन्मे जातकों का ताम्रपाद से जन्म है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, कामासक्त, स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ कमजोर, व्यापार-व्यवसाय, कार्य में निपुण, आर्थिक दृष्टि से सम्पन्न और सबके मित्र व सर्वप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग ३५ वर्ष की आयु तक होता है। तुला राशि वाले जातकों के व्यापार-व्यवसाय के नये स्रोत विकसित होंगे।