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अल्पमत में जाकर बढ़ गया अमित शाह का हौसला, अगले टारगेट का कर दिया ऐलान

कर्नाटक की सत्ता हाथ से निकलने से बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पहली बार मीडिया के सामने आए। पढ़िए प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 21 May 2018, 6:35 PM IST

Amit Shah

अल्पमत में जाकर बढ़ गया अमित शाह का हौसला, अगले टारगेट का कर दिया ऐलान

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मीडिया को सामने आए। करीब 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने शाह ने कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन पर जमकर हमला बोला। शाह ने इस गठबंधन को अपवित्र तो बताया ही इसके साथ कर्नाटक चुनाव में हाथ आई सत्ता निकल जाने पर अपने अगले मिशन का ऐलान किया है।

पढ़िए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के प्रेस कॉन्फेंस की बड़ी बातें

- कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जनादेश कांग्रेस के खिलाफ था और उसने सरकार बनाने के लिए जनता दल (एस) के साथ अपवित्र गठबंधन किया है । इस चुनाव में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया और उसकी सीटें 122 से घटकर 78 पर सिमट गई । उसके मुख्यमंत्री सिद्धरमैया एक सीट पर हार गए और एक सीट पर बहुत ही कम मतों जीत पाए । इसके अलावा उनके आधे मंत्री भी हार गए । दूसरी ओर बीजेपी की सीट 40 से बढकर 104 हो गईऔर वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी ।

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- बीजेपी के सरकार बनाने का दावा करने पर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं था तो क्या वहां फिर से चुनाव कराया जाता। बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा किया और यदि ऐसा नहीं करती तो यह जनादेश के खिलाफ होता । इसमें कुछ भी अनुचित नहीं था ।

- कांग्रेस और जनता दल (एस) ने अपने विधायकों को होटल में बंधक बनाकर रखा । उन्हें जनता से मिलने तक नहीं दिया । उन्हें जनता से मिलने दिया जाता तो विश्वास मत का परिणाम कुछ और होता । जनता इन विधायकों को बता देती कि उन्हें कहां वोट डालना है । अमित शाह ने सवाल किया कि कांग्रेस किस बात का जश्न मना रही है । क्या वह सीटें घटने , आधे मंत्रियों के हारने , कई सीटों पर उम्मीदवारों की जमानतें जब्त होने और पार्टी ‘तीन पी’ पंजाब , पुड्डुचेरी और परिवार तक सिमटने जश्न मना रही है ।

- कांग्रेस -जनता दल (एस) गठबंधन को अपवित्र करार देते हुए शाह ने कहा कि ये दोनों दल एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े थे । जद (एस) का पूरा चुनाव प्रचार कांग्रेस तथा उसकी सरकार के कामकाज के खिलाफ था । उसके नेता नेता कुमार स्वामी ने प्रचार के दौरान कई बार कांग्रेस के खिलाफ बयान दिए । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जद (एस) नेता एच डी देवगौड़ा के खिलाफ बयान दिए । अब दोनों दल एक साथ आ गए हैं ।

- शाह ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकारा और जो उसे हरा सकता था उसे जिताया । बीजेपी सरकार बनाने से सीर्फ सात सीटें पीछे रही । शाह ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि जो कांग्रेस के खिलाफ लड़े हैं वे हमारा समर्थन करेंगे ।

- बीजेपी पर विधायकों की खरीद फरोख्त (हार्स ट्रेडिंग) की कोशिश करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसा कुछ नहीं किया बल्कि कांग्रेस ने पूरा का पूरा ‘अस्तबल’ बेच खाया ।

- शाह ने कहा कि बीजेपी ने कांग्रेस की राज्य सरकार के पांच साल के भ्रष्टाचार , कुशासन , तुष्टिकरण , कानून एवं व्यवस्था , दलित तथा महिला उत्पीड़न और किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर चुनाव लड़ा था । इसके साथ ही केन्द्र की मोदी सरकार के कामकाज और कर्नाटक को दी गई सहायता को मुद्दा बनाया था ।

- शाह ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान सारी मर्यादायें तोड़ दी । उसने हिन्दू धर्म के विभाजन और अनुसूचित जाति एवं जनजाति को भड़काने का भी प्रयास किया । उन्होंने कटाक्ष किया कि इस चुनाव की एक अच्छी बात यह रही कि इसके बाद कांग्रेस को लोकतांत्रिक संस्थाएं अच्छी लगने लगी हैं । उसे उच्चतम न्यायालय ,चुनाव आयोग और ईवीएम अच्छे लग रहे हैं बीजेपी इसका स्वागत करती हैं और उम्मीद करती है कि भविष्य में भी वह ऐसा ही करेगी ।

- बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि बीजेपी नौ उप चुनाव हार गई तो विपक्ष शोर मचाने लगा जबकि 2014 के बाद कांग्रेस का 14 राज्यों में सफाया हो गया तो उसे यह दिखाई नहीं देता । इसके साथ ही शाह ने अपने अगले टारगेट का ऐलान करते हुए कहा कि 2019 में पीएम मोदी का विजय रथ जारी रहेगा।