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अमित शाह की अगुवाई में भाजपा की बैठक खत्म, शिवराज सिंह चौहान बने सदस्यता अभियान के प्रमुख

बैठक में कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा लोकसभा चुनाव को लेकर संगठन और नए अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम स्थगित किया गया था पहले होगा संगठनात्मक चुनाव, फिर नये अध्यक्ष का चयन

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Amit shah strategy for uttar pradesh in lok sabha chunav 2019

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नई दिल्ली। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में चली पार्टी की हाई लेवल मीटिंग खत्म हो चुकी है। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान को सदयस्ता अभियान का प्रमुख बनया गया है।

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2019 लोकसभा चुनाव को लेकर सितंबर, 2018 में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन और नए अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके लिए कार्यकारिणी में बाकायदा प्रस्ताव भी पारित किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज की बैठक में पार्टी की इकाईयों में बूथ स्तर से ऊपर के संगठनात्मक चुनावों और सदस्यता अभियान के कार्यक्रम पर फैसला किया जाएगा।

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नए अध्यक्ष पर हो सकता है मंथन

पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि बतौर अध्यक्ष अमित शाह का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लोकसभा चुनाव को लेकर उनका कार्यकाल बढ़ाया गया था। अमित शाह अब गृह मंत्री बन चुके हैं। लिहाजा, अब इस पद पर कोई दूसरा आसीन होगा।

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इसलिए, आज की बैठक में नए अध्यक्ष पर मंथन हो सकता है। हालांकि, कहा यह भी जा रहा है कि तीन राज्यों हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव इस साल के आखिर में होने हैं। ऐसे में पार्टी उन्हें यह जिम्मेदारी निभाते रहने को भी कह सकती है।

पहले होगा संगठनात्मक चुनाव

भाजपा के कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि संगठनात्मक चुनाव पूरा होने में कई महीने का वक्त लग सकता है। लिहाजा, इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव हो सकेगा, जो अक्टूबर-नवंबर के महीने तक जा सकता है।

साल की शुरुआत में ही खत्म हो चुका था शाह का कार्यकाल

पार्टी अध्यक्ष के बाद संगठन के प्रभारी महासचिव का भाजपा में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद है। चाहे यह राज्य स्तर पर हो या फिर राष्ट्रीय स्तर पर। बतौर अध्यक्ष अमित शाह का कार्यकाल साल की शुरुआत में ही खत्म हो चुका था, लेकिन चुनाव को लेकर उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा गया था।

अब देखना यह है कि भाजपा की इस बैठक में क्या निर्णय लिया जाता है। देखना यह है कि अमित शाह तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों तक अध्यक्ष पद पर बने रह सकते हैं या फिर उससे पहले ही संगठन के अंदर बदलाव हो सकता है।