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अमित शाह की कांग्रेस को खुली चुनौती, चिदंबरम एंड कंपनी से किसी भी मुद्दे पर बहस को तैयार

भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की छठी अर्थव्यवस्था बन चुकी है और हम बहुत जल्‍द ब्रिटेन को भी पीछे छोड़ देंगे।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 9 Sep 2018, 8:49 AM IST

amit shah

amit shah

नई दिल्‍ली। भाजपा राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी है। इस बीच तेल की कीमतों से लेकर रफाल डील तक कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियों पर हमला बोलने के बाद भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस को बहस की खुली चुनौती दी है। उन्‍होंने चिदंबरम एंड पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि हम हर मुद्दे पर बहस को तैयार हैं। बशर्ते कि कांग्रेस तथ्‍यों के साथ बहस करने को तैयार हो। बता दें कि भाजपा राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी है। बैठक के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह, वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी सहित अन्‍य नेता मंच पर दिखे। वहीं वरुण गांधी का मंच पर नहीं होना एक बार फिर चर्चा का विषय बना।

इंडिया ब्रेकिंग में जुटी है कांग्रेस
राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह की बात को आगे बढ़ाते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भाजपा पी चिदंबरम एंड कंपनी से बहस के लिए तैयार है। लेकिन अर्थव्यवस्था, जीएसटी पर तथ्यों के साथ आगे आना होगा। उन्‍होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस मोदी सरकार के खिलाफ लंबे अरसे से दुष्‍प्रचार के जरिए लोगों को भ्रमित करने में लगी है उससे काम नहीं चलेगा। कांग्रेस तथ्‍यों के साथ आए तो हम उसके हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। सीतारमन ने मीडियाकर्मियों से कहा कि पार्टी जल्द ही राष्ट्रव्यापी कैम्पेन की शुरुआत करेगी और जनता के साथ अपनी योजनाओं की सक्सेस स्टोरी साक्षा करने का काम करेगी। पार्टी किसानों, पूर्व सैनिकों, ओबीसी आयोग, अर्थव्यवस्था, आयुष्‍मान भारत, जीएसटी, एमएसपी, यूरिया योजना से आर्थिक मुनाफे और सिटिजन एमेंडमेंट बिल 2016 के लिए सरकार के काम का प्रचार करेगी।

अरुण जेटली ने दिए विपक्ष के सवालों का जवाब
आपको बता दें कि हाल ही में तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर बड़ा दबाव बनाया है। कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 80 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। जबकि अमरीकी डॉलर की तुलना में रुपए का भाव गिरकर 72 रुपए प्रति डॉलर हो गया है। हाल ही में रुपए के भाव में गिरावट का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि रुपए में गिरावट के कारण वैश्विक हैं घरेलू नहीं। उन्होंने कहा था कि अन्य देशों की करेंसी भी डॉलर के मुकाबले गिर रही है। इस बीच आरबीआई ने भी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि नोटबंदी के दौरान बंद किए गए नोटों में से 99.3 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं। इस रिपोर्ट के बाद नोटबंदी के फायदे को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए थे।

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