
नई दिल्ली। गुरुवार से दिल्लीवासियों को 200 यूनिट बिजली खर्च करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। इतना ही नहीं बिजली बिल के दूसरे स्लैबों में भी बड़ा बदलाव हुआ है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया है जहां सबसे सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
केजरीवाल ने पत्रकार वार्ता में दूसरे राज्यों को चुनौती देते हुए कहा कि जब दिल्ली में बिजली की दरें सस्ती हो सकती हैं और 200 यूनिट तक फ्री दी जा सकती हैं तो दूसरे राज्यों में क्यों नहीं। उन्होंने नोएडा, गुड़गॉव, गाजियाबाद, मुंबई, चंडीगढ़ सहित कई दूसरे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दिल्ली में साढ़े चार साल से आम आदमी पार्टी की सरकार है और इतने सालों में हमने बिजली के क्षेत्र में सुधार करते हुए दिल्लीवासियों को 200 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क देने का फैसला किया है।
गुरुवार से यह दरें लागू हो जाएगी। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली देश का पहला राज्य बन गया है जहां सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने भाजपा नेताओं की टिप्पणी को दरकिनार करते हुए कहा कि जब दिल्ली में बिजली सस्ती हो सकती है दूसरे राज्यों में क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता केवल बयानबाजी करते हैं काम करके नहीं दिखाते।
केजरीवाल ने कहा कि जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब बिजली के क्षेत्र की स्थिति काफी खराब थी। लोगों को बिजली कटौती का सामना तो करना ही पड़ता था लेकिन उससे बड़ी चुनौती बिजली बिलों को लेकर थी। बिना वजह दिल्लीवासियों की जेब काटा जा रहा था।
| बिजली का लोड और उसका बिल | ||||
| लोड | यूनिट | बिल 2013 रुपये | बिल 2019 रुपये में | नई दर (रुपये में) |
| 1 वॉट | 200 | 928 | 477 | 0 |
| 2 वॉट | 200 | 928 | 622 | 0 |
| 3 वॉट | 200 | 993 | 820 | 0 |
| 4 वॉट | 200 | 993 | 983 | 0 |
| 5 वॉट | 200 | 993 | 1146 | 0 |
बढ़े हुए बिजली की कीमत चुकानी पड़ रही थी। लेकिन आज इन साढ़े चार सालों में सुधार करते हुए इस क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया गया है। यह पूछे जाने पर कि जब चुनाव नजदीक हैं तब इस तरह की घोषणा क्यों, इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि जब बिजली के क्षेत्र को सुधारा गया तब बिजली कंपनियों की आमदनी भी बढ़ी है यही कारण है कि आज दिल्ली वालों को मुफ्त में बिजली दे पा रहे हैं। सब्सिडी के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि इससे दिल्लीवालों पर किसी तरह का बोझ नहीं पड़ेगा।
200 यूनिट से अधिक बिजली खर्च के लिए भी नई दरें आज से लागू हो गई हैं। उदाहरण के तौर पर दो किलोवॉट के लोड पर 250 यूनिट का पहले 797 रुपये देना पड़ता था लेकिन अब 252 रुपये देना होगा। इसी तरह से दो किलोवॉट पर 300 यूनिट खर्च करने पर 971 रुपये देना पड़ता था लेकिन अब 526 रुपये देने होंगे।
Updated on:
1 Aug 2019, 11:06 PM IST
Published on:
1 Aug 2019, 12:27 PM IST
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