राहुल गांधी के डोकलाम वाले बयान पर बीजेपी का तंज, जानना कुछ नहीं लेकिन बोलना सब कुछ

लंदन में एक युवक ने राहुल गांधी से सवाल किया था कि वह चीन के साथ डोकलाम मुद्दे को कैसे सुलझाते तो वह इसका जवाब नहीं दे सके थे और कहा था कि उनके पास तथ्यात्मक जानकारी नहीं है इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के डोकालाम मुद्दे पर एक सवाल पूछे जाने पर जवाब नहीं दे पाने को लेकर बीजेपी ने आज तंज कसा है। बीजेपी ने कहा कि वे वह जानते कुछ नहीं और बोलते सब कुछ चाहते हैं। दरअसल लंदन में एक युवक ने राहुल गांधी से सवाल किया था कि वह चीन के साथ डोकलाम मुद्दे को कैसे सुलझाते तो वह इसका जवाब नहीं दे सके थे और कहा था कि उनके पास तथ्यात्मक जानकारी नहीं है इसलिए वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।

सवाल पूछने पर चुप हुए राहुल गांधी
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीटर पर लिखा कि जानना कुछ नहीं हैं लेकिन बोलना सब कुछ है। बीजेपी के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया कि जब पूछा गया कि अगर आपको मौका मिलता तो आप कैसे डोकलाम मसले को किस प्रकार से सुलझाते, तो राहुल गांधी अचकचा गए और कहा कि उनके पास विवरण नहीं है इसलिए कुछ नहीं सकते। ..तो आश्चर्य है कि आखिर वह किस आधार पर सरकार की आलोचना कर रहे थे।

मुस्लिम ब्रदरहुड से कर दी आरएसएस की तुलना

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तुलना सुन्नी इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से करने को लेकर भी विवाद तेज है। लंदन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्ट्रेटजिक स्टडीज (आईआईएसएस) के एक कार्यक्रम उन्होंने कहा कि आरएसएस भारत के हर संस्थान पर कब्जा करना चाहता है और देश के स्वरूप को ही बदलना चाहता है। इसे लेकर बिहार के एक वकील के उनके खिलाफ विदेशों में विवादास्पद बयान देने, देश को अपमानित करने तथा उन्माद फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगताते हुए अदालत में परिवादपत्र दायर किया।

बिहार में दर्ज हुआ केस

वकील सुधीर ओझा ने मुजफ्फरपुर व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) हरि प्रसाद की अदालत में दायर परिवादपत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने अपने विदेश दौरे के क्रम में लंदन और जर्मनी में अपने बयान में 'आतंकवाद को जायज ठहराया है' जिससे भारत की छवि धूमिल हुई है। परिवादपत्र में कहा गया है कि कांग्रेस प्रमुख ने भारत में महिलाओं पर हाल के दिनों में हो रहे हमले के लिए संस्कृति को दोषी बताया है, जिससे विदेशों में भारत की छवि खराब हुई है। ओझा ने बताया कि भादंवि की धारा 153 बी, 500 और 504 के तहत परिवादपत्र दायर किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई चार सितंबर को तय की गई है।

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