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मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार का बड़ा बयान, महाराष्‍ट्र में बीजेपी के पास नहीं बचा था और कोई रास्ता

बीजेपी का सरकार न बनाने का निर्णय सही राष्‍ट्रपति शासन के अलावा वहां और कोई विकल्‍प नहीं था सीएम पद को लेकर विवाद से बिगड़ा बीजेपी का समीकरण

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नई दिल्‍ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने पर गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद वहां पर जो सियासी परिस्‍थितयां उभरी उसमें बीजेपी के पास कोई रास्‍ता नहीं था। वहां कोई सरकार बना नहीं पा रहा था। विकल्‍पहीनता के अभाव में बीजेपी को सख्‍त स्‍टैंड लेना पड़ा।

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नीतीश कुमार ने कहा कि महाराष्‍ट्र में राष्ट्रपति शासन के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि कोई जब सरकार बना ही नहीं रहा तो करे क्या! इसलिए राष्‍ट्रपति शासन लगाना पड़ा।

ये बात सीएम नीतीश कुमार ने पटना रेलवे स्टेशन के पास देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कही।

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बता दें कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए 21 तारीख को मतदान हुआ था और 24 को नतीजे आए थे। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी थी, जबकि साथ में चुनाव लड़ने वाली सहयोगी शिवसेना दूसरी बड़ी पार्टी थी। इसके बाद दोनों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद हो गया।

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शिवसेना सरकार में आधे कार्यकाल के लिए अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री की डिमांड कर रही थी। उसने कहा कि चुनाव से पहले ही बीजेपी के साथ 50-50 का फॉर्मूला तय हुआ था। हालांकि बीजेपी ने इससे साफ इनकार करते हुए कहा था कि ऐसी कोई डील नहीं हुई थी। नतीजतन शिवसेना NDA से अलग हो गई और लगभग 20 साल पुराना गठबंधन टूट गया।