
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में हार के बाद से लेकर अब तक कांग्रेस में नेतृत्व का संकट बरकरार है। लोकसभा चुनाव के आठ महीने बाद भी पार्टी अपना स्थायी अध्यक्ष तक नहीं चुन पाई है। एक बार फिर पार्टी के स्थायी अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं। इन बयानों से ऐसा लगने लगा है कि पार्टी के नेताओं में नेतृत्व को लेकर एक राय नहीं है।
इस बीच कांग्रेस आनंदपुर साहिब से सांसद और प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी पार्टी का नेतृत्व फिर से कर सकते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा है कि जब वर्तमान में सोनिया गांधी ही कांग्रेस की सबसे बेहतहर अध्यक्ष हैं तो किसी और के नाम पर विचार करने या सोचने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा की लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी द्वारा अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद बार-बार उन्हें इस पद पर बने रहने को कहा गया था। उनके न मानने के बाद ही सोनिया गांधी जी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। उसके बाद से पार्टी में नई जान आई है। मनीष तिवारी ने मीडिया के सवाल के जवाब में इस बात का भी जिक्र किया कि यह केवल मेरी राय नहीं है। बल्कि पार्टी के अंदर अधिकांश नेताओं की भी राय यही है।
लेकिन मनीष तिवारी की राय के उलट कांग्रेस में ऐसे नेताओं की भी कमी नहीं जो राहुल को ही कांग्रेस का भविष्य मानते हैं। शशि थरूर,ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, अमरिंदर सिंह, जयराम रमेश जैसे नेताओं को इसी गुट का माना जाता है। ऐसे नेता चाहते हैं पार्टी समय के हिसाब से खुद को बदले। साथ ही सर्वमान्य नेतृत्व उभरकर सामने आने दे। दूसरी तरफ मनीष तिवारी, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चैधरी, अशोक गहलोत, कमलनाथ, वीरप्पा मोइली, एके एंटनी जैसे नेता हैं जो सोनिया को अध्यक्ष पद पद देखना चाहते हैं और उन्हें ही सबसे बेहतर अध्यक्ष मानते हैं।
दूसरी तरफ मनीष तिवारी की राय से उलट कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे का कहना है कि राहुल गांधी कांग्रेस का भविष्य हैं। सोनिया गांधी ने 20 साल तक कांग्रेस पार्टी का अच्छे तरीके से नेतृत्व किया। वर्तमान में भी सोनिया गांधी ही हमारा नेतृत्व कर रही हैं। यदि वो इस पद पर रहती हैं तो हमें खुशी होगी। अविनाश पांडे के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस का युवा नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में ही पार्टी का उज्जवल भविष्य मानता है।
दरसअल, 2017 सोनिया गांधी ने दो दशक से ज्यादा समय तक पार्टी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का निर्वहन करने के बाद ये जिम्मेदारी राहुल गांधी को सौंप दी थी। लेकिन 2019 में लोकसभा चुनाव में पार्टी की बुरी तरह हार के बाद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया था। उसके बाद से सोनिया गांधी एक बार फिर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं।
बता दें कि मनीष तिवारी चार दशक से ज्यादा समय से कांग्रेस से जुड़े हैं। यूथ कांग्रेस से लेकर वो पार्टी के सभी अहम पदों सहित कांग्रेस सरकार के दौरान केंद्र में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।
Updated on:
27 Feb 2020 04:31 pm
Published on:
27 Feb 2020 03:39 pm
