
BJP And Congress
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित कर दिए गए। हालांकि पहले से राज्य की दो प्रमुख पार्टियों के इस चुनाव के बहिष्कार करने के बाद मुकाबला इतना रोमांचक नहीं था, लेकिन फिर भी बीजेपी-कांग्रेस के बीच लड़ाई तो थी। निकाय चुनाव के नतीजों में भाजपा की लहर जम्मू में फिर से देखने को मिली है। हालांकि बीजेपी ने घाटी के कई ऐसे इलाकों में जीत हासिल की है, जो आतंकियों के गढ़ माने जाते हैं।
जम्मू में सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी, घाटी में कांग्रेस
वहीं दूसरी तरफ कश्मीर घाटी में कांग्रेस पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जहां एक तरफ जम्मू में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो वहीं घाटी में कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। बीजेपी के उम्मीदवारों ने 212 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं, कश्मीर घाटी में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा। यहां कांग्रेस को सबसे ज्यादा 79 और भाजपा को 75 सीटें मिलीं। लेह में कांग्रेस ने सभी 13 वार्डों पर कब्जा किया। यहां भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई। करगिल में भी कांग्रेस को जीत मिली।
जम्मू के इन क्षेत्रों में भाजपा को मिली जीत
जम्मू के सांबा, कठुआ, रियासी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, उधमपुर, पुंछ और रजौरी जिले बीजेपी उम्मीदवारों को जीत मिली है। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को जम्मू में सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं। जम्मू के इन जिलों में कांग्रेस के 110, नेशनल पेंथर्स पार्टी के 13 और 185 निर्दलीय उम्मीदवार जीत हासिल करने में कामयाब हुए।
घाटी के इन जिलों का ये है रिजल्ट
वहीं दूसरी तरफ कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बारामूला, कुपवाड़ा, बड़गाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बांदीपोरा और गांदेरबल जिले में कांग्रेस के 79 उम्मीदवार जीते। यहां भाजपा को 75, निर्दलीय को 71, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अन्य को दो-दो वार्ड में जीत मिली। लेह में कांग्रेस ने सभी 13 वार्डों पर कब्जा कर लिया, जबकि कारगिल में कांग्रेस ने छह और निर्दलीयों ने सात वार्डों पर जीत दर्ज की।
दक्षिण कश्मीर के चार जिलों में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन
भाजपा के लिए अच्छी खबर ये रही कि दक्षिण कश्मीर के चार जिले अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां में पार्टी के उम्मीदवारों ने बेहतरी प्रदर्शन किया। इन जिलों के 132 में से 53 वॉर्ड पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। इन जिलों के 20 निकायों में से कम से कम चार पर बीजेपी की कमान तय मानी जा रही है। शोपियां जिले में भाजपा का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। यहां 12 वार्ड में उसके प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। कश्मीर के 598 वार्ड में 231 पर निर्विरोध प्रत्याशी चुने गए। जबकि 181 पर किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। दक्षिण कश्मीर के ये वो जिले हैं, जहां आतंकियों का प्रभाव ज्यादा माना जाता है। यहां आए दिन आतंकी हमले या फिर एनकाउंटर होते हैं।
राज्य में 13 साल बाद हुए थे चुनाव
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद शहरी निकाय चुनाव हुए थे। 8 से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में मतदान हुआ था। इस बार कुल 1145 वार्ड के लिए 3372 उम्मीदवार मैदान में थे। घाटी में मतदान प्रतिशत काफी खराब रहा। जम्मू और लद्दाख में ज्यादा लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। राज्य में कुल 35.1 फीसदी वोट पड़े थे।
गौरतलब है कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीएम और बसपा ने चार चरणों में होने वाले निकाय चुनाव का बहिष्कार किया था। बता दें कि राज्य में निकाय चुनाव 13 साल बाद हुए हैं।
Published on:
20 Oct 2018, 10:03 PM IST
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