
नई दिल्ली। 'अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं', के नारों से देश भर में चर्चा में आए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिए हैं। वे चुनाव कहां से लड़ेंगे इस बात का अभी खुलासा नहीं किया है। इतना जरूर कहा है कि वे लोग बिहार और यूपी से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे। ये बात उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहीं है। आपको बता दें कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के ये दोनों छात्र नेता 2016 में आंदोलन के दौरान उभरकर सामने आए थे।
मुख्यधारा की पार्टी के टिकट पर लडूंगा चुनाव
मीडिया से बातचीत में कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वामपंथी दल बिहार में महागठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ते हैं और मुझे चुनाव लड़ने को कहा गया तो मैं चुनाव लड़ना चाहूंगा। कन्हैया का कहना है कि मैं संगठित राजनीति में यकीन रखता हूं। अगर मैं चुनाव लड़ता हूं तो मैं मुख्यधारा की पार्टी के टिकट पर ही लड़ूंगा। मैं किसी एक इंसान या व्यक्ति के करिश्मे पर यकीन नहीं रखता हूं।। बताया जा रहा है कि वह अपने गृह जिले बिहार के बेगूसराय से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया है कि उनका इलाका लंबे समय से सीपीआई से जुड़ा रहा है। उनका परिवार लंबे वक्त से सीपीआई से जुड़ा रहा है। मेरे इलाके को मिनी मॉस्को और मिनी लेनिनग्राद कहा जाता रहा है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में भाजपा वहां से जीत रही है। पहली बार 2014 में भाजपा को लोकसभा का चुनाव वहां से जीतने में सफलता मिली थी।
चुनाव लड़ने से गुरेज नहीं
शेहला रशीद का कहना है कि वह संगठन के लिए आगे भी काम करना चाहती हूं। लेकिन चुनाव लड़ने से भी उन्हें गुरेज नहीं है। अगर सामान्य परिस्थितियों में कोई बात उठती है तो मैं किसी भी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। वर्तमान में शेहला जेएनयू से पीएचडी कर रही हैं। शेहला श्रीनगर से आती हैं। लेकिन उन्होंने अभी तक किसी पार्टी और लोकसभा क्षेत्र का चयन चुनाव लड़ने के लिए नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी यूपी की किसी सीट से चुनाव लड़ना पसंद करेंगी।
2016 से चर्चा में है कन्हैया और शेहला
आपको बता दें कि 2016 में जेएनयू में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कन्हैया कुमार और शेहला रशीद लाइमलाइट में आए थे। अब इन दोनों ने संकेत दिया है कि वे 2019 के लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। मीडिया से बातचीत में कहा कि वे सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का मोर्चा बनाने में जुटे हैं। ये मोर्चा उदार और प्रगतिवादी सोच के लोगों को आगे लाकर 2019 में भाजपा का मुकाबला करेगा।
Published on:
26 Apr 2018 03:02 pm
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