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LIVE कर्नाटक चुनाव परिणाम : सरकार के लिए अब राज्यपाल के पाले में गेंद, दोनों दलों ने पेश की दावेदारी

कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए अभी तक कोई पार्टी जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है।
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Prashant Kumar Jha

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Updated: 15 May 2018, 7:07 PM IST

Karnataka Election results

नई दिल्‍ली: कर्नाटक में मतगणना जारी है। रुझानों में बीजेपी को बढ़त है। लेकिन पार्टी पूर्ण बहुमत से दूर है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी 104 सीटों पर आगे है। वहीं कांग्रेस 77 सीटों पर जबकि 39 स्‍थानों पर जेडीएस आगे है। लेकिन कर्नाटक चुनाव में दोपहर के बाद एक नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस ने जेडीएस को मुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की थी। सोनिया गांधी ने कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर दिया था। जिसपर जेडीएस ने प्रस्ताव का स्वीकार कर लिया।

बीजेपी के सीएम प्रत्याशी येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद जेडीएस के नेता कुमारस्वामी ने भी राज्यपाल से मुलाकात की है। अब सारा दारोमदार राज्यपाल वजुभाई वाला पर है, हालांकि अबतक राज्यपाल की ओर से किसी को सरकार बनाने का न्यौता नहीं मिला है।

वहीं रुझानों में बीजेपी की बढ़त से उत्साहित कार्यकर्ता बेंगलुरु के पार्टी दफ्तर में जीत के जश्न मनाते दिखे। लेकिन जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाने से बीजेपी के भीतर कश्मकश की स्थिति बनी हुई है। सरकार बनाने के लिए बीजेपी के तीन मंत्री बेंगलुरु रवाना हो चुके हैं। वहीं बी एस येदियुरप्पा का दिल्ली दौरा रद्द हो गया है। येदियुरप्पा अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आने वाले थे। इधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक सीट से चुनाव हार चुके हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है।

कर्नाटक पर कौन करेगा राज

आपको बता दें कि कर्नाटक की राजनीति के लिए आज का दिन नतीजों का दिन है। ये चुनाव परिणाम लोकसभा चुनाव के लिहाज से भी निर्णायक साबित हो सकता है।

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222 सीटों पर मतगणना जारी
222 सीटों पर पड़े मतों की गिनती आज सुबह 8 बजे से जारी है। चुनाव परिणाम इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि कर्नाटक का चुनाव कई लोगों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल भी है। इस चुनाव में एक ओर जहां सिद्धारमैया और बीएस येदियुरप्पा के बीच कुर्सी की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रतिष्ठा भी इससे जुड़ी हुई है। साथ ही क्षेत्रीय क्षत्रप के रूप में जेडीएस यानि कुमार स्‍वामी और देवगौड़ा की राजनीतिक भविष्‍य का निर्धारण भी इन सीटों पर चुनाव परिणाम से होने वाला है।

जेडीएस के पास सत्ता की चाबी

चुनाव के बाद एग्जिट पोल में भी किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। अधिकांश एग्जिट पोल में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के संकेत दिए गए हैं। पोल के हिसाब से राज्य में त्रिशंकु विधानसभा के भी आसार हैं। यही वजह है कि जेडीएस प्रमुख पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी जनता दल (एस) को किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा है। त्रिशंकु विधानसभा को देखते हुए कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के दावेदार सिद्धारमैया ने पहले ही कह दिया है कि यदि आलाकमान फैसला करता है तो वह किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर खुद कुर्सी छोड़ने को तैयार है। उनके इस बयान के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि राज्य में खंडित जनादेश आ सकता है। उनके इस बयान को जेडीएस से गठबंधन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

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224 में से 222 सीटों पर हुआ था मतदान
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। यहां आरआर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया गया था। वहीं जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था। इस बार मतदान प्रतिशत 70.13 फीसद रहा था। अगर कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट जनादेश जाता है तो 1985 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई दल लगातार दूसरी बार सरकार बनाएगा। 1985 में तत्कालीन जनता दल ने रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। ऐसा नहीं होने पर भाजपा दक्षिण भारत के किसी भी राज्‍य में दूसरी बार सत्‍ता में वापसी करने में सफल होगी।

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