चुनावी रण में दिग्गजों का हाल: किसी को मिला जीत का अर्श, तो किसी को मिली हार की फर्श

चुनावी रण में दिग्गजों का हाल: किसी को मिला जीत का अर्श, तो किसी को मिली हार की फर्श

Shweta Singh | Publish: May, 24 2019 05:13:00 PM (IST) राजनीति

  • लोकसभा चुनाव 2019 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को प्रचंड बहुमत की सफलता मिली है
  • इन चुनाव में कई बड़े चेहरों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली
  • पीएम मोदी समेत कई दिग्गज बंपर वोट से जीते को कई को करारी हार मिली

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों में प्रचंड बहुमत के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की दोबारा वापसी हुई है। लंबे समय से चल रहे प्रचार-प्रसार और चुनावी प्रक्रिया के बाद 17वीं लोकसभा के प्रतिनिधियों का चुनाव हो गया है। जीते हुए प्रत्याशियों में किसको क्या जिम्मेदारी मिलेगी यह निर्धारित समय पर साफ हो जाएगा। लेकिन इस पूरे चुनावी प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे चर्चित चेहरे रहे, जिनकी सीट पर लोगों की खास नजर थी। फिर चाहे अमेठी में राहुल गांधी-स्मृति ईरानी की टक्कर हो या राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी सीट पर मनोज तिवारी और शीला दीक्षित का मुकाबला हो, लोगों को इन नतीजों का किसी सस्पेंस फिल्म के क्लाइमैक्स जैसा इंतजार था।

Leader won their seat
दिग्गज चेहरे पार्टी प्रतिद्वंदी पार्टी लोकसभा सीट वोट मार्जिन
नरेंद्र मोदी BJP शलिनी यादव SP वाराणसी पौने पांच लाख
अमित शाह BJP सी.जे छावड़ा INC गांधीनगर साढ़े पांच लाख
राजनाथ सिंह BJP पूनम सिन्हा SP लखनऊ पौने चार लाख
स्मृति ईरानी BJP राहुल गांधी INC अमेठी 55 हजार
सनी देओल BJP सुनील जाखड़ INC गुरदासपुर 82 हजार
गौतम गंभीर BJP अरविंदर सिंह लवली INC पूर्वी दिल्ली चार लाख
बाबुल सुप्रियो BJP मुनमुन सेन TMC आसनसोल दो लाख
तेजस्वी सूर्या BJP बीके हरीप्रसाद INC दक्षिण बेंगलूरु तीन लाख
फारूक अब्दुल्ला JKNC आगा सैयद मोहसीन PDP श्रीनगर 70 हजार
असदुद्दीन ओवैसी AIMIM डॉ. भगवंत राव BJP हैदराबाद पौने तीन लाख
साध्वी प्रज्ञा BJP दिग्विजय सिंह INC भोपाल पौने चार लाख
हेमा मालिनी BJP कुंवर नरेंद्र सिंह RLD मथुरा तीन लाख
रवि किशन BJP रामभुअल निशाद SP गोरखपुर तीन लाख
हंसराज हंस BJP गुगन सिंह AAP उत्तर-पश्चिमी दिल्ली साढ़े पांच लाख

नरेंद्र मोदी

इस सूची में जाहिर तौर पर सबसे पहला नाम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। दोबारा वाराणसी लोकसभा सीट से मैदान में उतरे मोदी न सिर्फ दिग्गज प्रत्याशियों में से एक रहे, बल्कि इस कारण यह सीट भी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। इस सीट पर पीएम ने करीब पौने पांच लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत का परचम लहराया। उनकी सबसे करीब प्रतिद्वंदी रही समाजवादी पार्टी की शालिनी यादव के कुल वोट भी इसके आधे आंकड़ें को छू नहीं पाए।

चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा हुई की इस सीट पर पीएम मोदी को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी टक्कर दे सकती हैं। हालांकि, बाद में इन कांग्रेस ने इसे खारिज कर दिया।

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अमित शाह

BJP की इस शानदार जीत में पीएम मोदी के सबसे बड़े साझेदार रहे अमित शाह को जब गुजरात के गांधीनगर से टिकट दिया गया तो इस खबर ने सुर्खियां बनाईं। पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे भाजपा अध्यक्ष को लालकृष्ण आडवाणी के सीट से उतारने के फैसले ने सबको चौंका दिया। इस सीट पर अमित शाह ने करीब साढ़े पांच लाख वोटों से अपने निकटम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सी.जे छावड़ा को करारी शिकस्त दी।

राजनाथ सिंह

भाजपा की परंपरागत सीट कही जाने वाली लखनऊ से एक बार फिर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मैदान में उतरे थे और उन्होंने दोबारा यहां कमल खिलाया। राजनाथ सिंह का मुकाबला गठबंधन उम्मीदवार और कांग्रेसी नेता शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा से था, जिन्हें उन्होंने 3,85,302 वोटो से हराया। हमेशा से भाजपा के लिए खास रही इस सीट राजनाथ ने अपने ही जीत का रिकॉर्ड तोड़ा है।

स्मृति ईरानी

गांधी परिवार के 50 साल पुराने गढ़ अमेठी से दोबारा चुनावी मैदान में उतरी केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने आखिरकार कांग्रेस के इस किले में सेंध लगा ही लिया। इसके साथ ही स्मृति इरानी कांग्रेस के किसी राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराने वाली पहली BJP प्रत्याशी भी बन चुकी हैं। 2014 में लोकसभा चुनाव में हारने के बाद 2019 में इरानी ने राहुल गांधी को 55,120 वोटों से हराया है।

सनी देओल

बॉलीवुड के दमदार अभिनेताओं में से एक सनी देओल ने महीनेभर पहले ही राजनीति में आये, पहली बार भाजपा की टिकट पर पंजाब के गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ा और संसद भी पहुंच गए। देओल ने कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ को 82,459 वोटों के अंतर से हराया। सनी के राजनीति में आने से लेकर उनके पिता धर्मेंद्र का सुनील जाखड़ के लिए दिए बयान पर ने पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान चर्चा बंटोरी।

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गौतम गंभीर

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इसी साल चुनाव से सिर्फ एक महीने पहले अपने राजनीति करियर का आगाज किया। क्रिकेट करियर की तरह इस सफर के शुरुआत में ही उन्हें कई उतार चढ़ाव देखना पड़ा। भाजपा की टिकट पर पूर्वी दिल्ली सीट से चुनाव लड़े टीम इंडिया के सर्वश्रेष्ठ 'ओपनर' में से एक गौतम गंभीर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अरविंदर सिंह लवली को कड़ी टक्कर दी और करीब चार लाख वोटों के अंतर से मात दी।
अपनी जीत पर लोगों को धन्यावद करते हुए गंभीर ने ट्वीट में लिखा, 'ये ना तो "लवली कवर ड्राइव" और ना ही "आतिशी बल्लेबाजी" बल्कि भाजपा की "गंभीर" विचारधारा को लोगों का समर्थन है। सभी को धन्यवाद।'

बाबुल सुप्रियो

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल में पार्टी के चर्चित चेहरों में से एक रहे। राज्य के आसनसोल सीट पर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार मुन मुन सेन को 1,97,637 वोटों से पीछे छोड़कर अपनी जीत दोहराई। सुप्रियो ने 2014 में भी इसी सीट से जीत दर्ज की थी। जब पार्टी को पूरे प्रदेश में सिर्फ दो ही सीटें मिली थी।

तेजस्वी सूर्या

पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे भाजपा के युवा नेता तेजस्वी सूर्या ने दक्षिण बेंगलूरू सीट पर कांग्रेस के बीके हरीप्रसाद को भारी अंतर से मात दिया। इस जीत के साथ ही तेजस्वी देश के सबसे युवा सांसद भी बन चुके हैं। कर्नाटक यह सीट पार्टी के लिए काफी खास थी। यह सीट कर्नाटक में पार्टी के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले अनंत कुमार की थी। अनंत कुमार के निधन के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस सीट से उनकी पत्नी को टिकट दी जाएगी, लेकिन पार्टी ने यहां से महज 28 वर्षीय तेजस्वी को मैदान में उतारा।

फारूक अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के एक अन्य प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेस पार्टी के मुखिया फारूक अब्दुल्ला विपक्ष के उन नेताओं में से हैं, जो मोदी सुनामी में भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। चुनावी मौसम में उनके आक्रमक रवैया काफी चर्चा में रहीं। कभी अमित शाह को जम्मू-कश्मीर आने के लिए चुनौती देना तो कभी धारा 370 को हटाने के खिलाफ धमकी देकर फारूक चर्चा में बरकरार रहे। उन्होंने श्रीनगर सीट से पीडीपी के उम्मीदवार आगा सैयद मोहसीन को हराया करीब 70 हजार वोटों से हराया। जीत के बाद उन्हें पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ नाचते हुए भी देखा जा सकता है।

असदुद्दीन ओवैसी

मोदी लहर के बीच एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी अपना किला बचाने वाले विपक्षी नेताओं मे से एक हैं। ओवैसी तेलंगाना की हैदराबाद लोकसभा सीट से उम्‍मीदवार थे। इन्होंने यहां बीजेपी के डॉ. भगवंत राव को 2,82,186 वोटों से हराकर कर जीत दर्ज की है। बता दें कि ओवैसी ने 2014 का चुनाव भी इसी सीट से जीता था।

साध्वी प्रज्ञा

मध्य प्रदेश की भोपाल सीट से भाजपा की उम्मीदवार रही साध्वी प्रज्ञा को टिकट मिलते ही राजनीतिक गलियारों में काफी बहस हुई। मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी रही साध्वी ने उम्मीदवारी मिलते ही कई ऐसे बयान दिए जिनकी काफी आलोचना हुई। इस सीट पर साध्वी का मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक दिग्विजय सिंह के साथ था, जिसे उन्होंने 3,64,822 वोटों के अंतर से हरा दिया।

रवि किशन

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर सीट से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में उतरे भोजपुरी गायक ने पार्टी को उसकी सीट वापस दिलाई। योगी आदित्यनाथ के इस सीट पर हुए उपचुनाव में BJP को करारी हार मिली थी, हालांकि इस बार रवि किशन ने 3,01,664 वोटों से जीत का परचम लहराया और पार्टी की इज्जत रख ली।

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हंसराज हंस

राजनीति में आते ही गायक हंसराज हंस के धर्म पर विवाद ने उन्हें लाइमलाइट में रखा। दिल्ली की उत्तर-पश्चिमी लोकसभा से गायक ने न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की बल्कि, सभी सेलेब्रिटीज में से सबसे अधिक वोटो से जीतने वाला उम्मीदवार भी बने। पार्टी ने उदित राज का टिकट काटकर हंसराज पर जो दांव खेला था, उसपर पार्टी साढ़े पांच लाख वोटो के अंतर से को कामयाबी मिली।

हेमा मालिनी

मथुरा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान सांसद हेमा मालिनी ने लगभग 3 लाख वोट से जीत हासिल की है। इस पूरे चुनावी प्रक्रिया के दौरान अपने अनोखे प्रचार अभियान के चलते हेमा मालिनी चर्चा का विषय बनी रहीं। कभी गेंहू की कटाई तो कभी ट्रैक्टर चलाते हुए हेमा मालिनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुईं। अब परिणामों के बाद अभिनेत्री से नेता बनी हेमा ने दूसरी बार इस सीट से जीत दर्ज किया।

Leader lost their seat

जहां कई दिग्गजों ने अपना किला इस बार बचाए रखा, वहीं कई ऐसे चेहरे भी रहे जिनका साथ न जनता ने और नाहीं भाग्य ने दिया। इन उम्मीदवारों को अपने प्रतिद्वंदियों से करारी हार मिली। नजर डालते हैं ऐसे ही कुछ नामों पर-

उम्मीदवार पार्टी प्रतिद्वंदी पार्टी सीट वोट मार्जिन
मल्लिकार्जुन खड़गे INC डॉ. उमेश जी जाधव BJP गुलबर्गा 95 हजार
शीला दीक्षित INC मनोज तिवारी BJP उत्तर-पूर्वी दिल्ली साढ़े तीन लाख
शत्रुघ्न सिन्हा INC रविशंकर प्रसाद BJP पटना साहिब करीब तीन लाख
शिबू सोरेन JMM सुनिल सोरेन BJP दूमका पौने पांच लाख
राज बब्बर INC राजकुमार चहर BJP फतेहपुर सीकरी पौने दो लाख
संबित पात्रा BJP पिनाकी मिश्रा BJD पुरी 11 हजार
जयप्रदा BJP आजन खान SP रामपुर एक लाख
महबूबा मुफ्ती PDP हसनैन मसूदी JKNC अनंतनाग साढ़े छह हजार
मीसा भारती RJD राम कृपाल यादव BJP पाटलिपुत्र 39 हजार
कीर्ति आजाद INC पशुपति नाथ सिंह BJP धनबाद पौने पांच लाख
दिनेश लाल निरहुआ BJP अखिलेश यादव SP आजमगढ़ ढाई लाख
कन्हैया कुमार CPI गिरिराज सिंह BJP बेगूसराय चार लाख
उर्मिला मातोंडकर INC गोपाल शेट्टी BJP उत्तर मुंबई साढ़े चार लाख
ज्योतिरादित्य सिंधिया INC कृष्णपाल सिंह BJP गुना एक लाख
डिंपल यादव SP सुब्रत पाठक BJP कन्नौज 12 हजार
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