30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हैदरपोरा एनकाउंटर के बाद अब महबूबा ने श्रीनगर मुठभेड़ पर भी उठाए सवाल, कहा- सिर्फ एक तरह से हुई फायरिंग

पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पुर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हैदरपोरा एनकाउंटर के बाद अब श्रीनगर मुठभेड़ पर भी सवाल उठाए हैं। महबूबा मुफ्ती का कहना है कि इसे मुठभेड़ दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि गोलियां सिर्फ एक ही तरह से चलाई गई थीं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Nitin Singh

•

Updated: 25 Nov 2021, 8:42 PM IST

mehbooba mufti rises qus over srinagar encounter after hyderpora

mehbooba mufti rises qus over srinagar encounter after hyderpora

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में इन दिनों भारतीय सेना आतंकियों के खत्म करने के लिए अभियान चला रही है। बता दें कि इस अभियान के तहत अब तक कई आतंकियों को ढ़ेर कर दिया गया है। वहीं जम्मू-कश्मीर के कई नेता सुरक्षाबलों की इन कार्रवाईयों पर सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पुर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हैदरपोरा एनकाउंटर के बाद अब श्रीनगर मुठभेड़ पर भी सवाल उठाए हैं।

महबूबा मुफ्ती का कहना है कि इसे मुठभेड़ दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि गोलियां सिर्फ एक ही तरह से चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि 'रामबाग में कल हुए एनकाउंटर के बाद से इसकी वैधता को लेकर संदेह है। इस एनकाउंटर को लेकर उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि एक ही तरफ से फायरिंग हो रही थी।

हैदरपोरा एनकाउंटर पर भी उठाए थे सवाल
कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा एक बार फिर अधिकारियों के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रही हैं। जिस तरह से शोपियां, एचएमटी और हैदरपोरा में हुआ। बता दें कि इससे पहले उन्होंने हैदरपोरा एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए थे। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में जिन्हें आतंकी कहते हुए मारा है उनमें से दो आम नागरिक थे। वहीं पुलिस इन्हें आतंकियों का साथी बता रही थी।

यह भी पढें: भारत के विभाजन पर फिर छलका मोहन भागवत का दर्द, कहा- विभाजन कभी ना मिटने वाली वेदना, विभाजन निरस्त होने पर होगा समाधान

गौरतलब है कि पुलिस ने कल श्रीनगर के रामबाग इलाके में हुई मुठभेड़ में 3 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था। बताया गया कि आतंकियों की पहचान टीआरएफ कमांडर मेहरान यासीन शल्ला (श्रीनगर निवासी), मंजूर अहमद मीर (पुलवामा) और अराफात अहमद शेख (पुलवामा) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक पहले आतंकियों को समर्पण करने का मौका दिया गया था, लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में 3 आतंकी मारे गए।