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वोट बटोरने की जुगत में मोदी सरकार, बजट में इन बातों पर रही खास नज़र

चुनावी साल में मोदी सरकार ने अंतरिम बजट पास कर बड़ा दांव चलने की कोशिश की है। सरकार ने हर सेक्टर को छूने का प्रयास किया है।
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नई दिल्ली

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Prashant Kumar Jha

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Updated: 1 Feb 2019, 5:40 PM IST

Modi government

वोट बटोरने की जुगत में मोदी सरकार, बजट में इस पर रही सरकार की सबसे ज्यादा नजर

नई दिल्ली: मोदी सरकार ने अपना आखिरी अंतरिम बजट पेश किया । बजट के जरिए सरकार ने सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है। अगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने किसान, मजदूर, मिडिल क्लास और ग्रामीणों को साधने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने किसानों को 6 हजार रुपए हर साल देने का ऐलान किया है। वहीं आयकर छूट की सीमा पांच लाख तक बढ़ाकर मध्यम वर्गों को बड़ी राहत दी है।

किसान की आय दोगुनी करने पर फोकस

मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले देश के किसानों की खुश करने के लिए बड़ा दांव चला है। किसान मोदी सरकार से नाराज चल रहे थे , लेकिन किसानों की नाराजगी दूर करने और उन्हें वोटबैंक में तब्दील करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने 'पीएम किसान सम्मान निधि' योजना के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपए को आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इससे देश के 12 करोड़ किसान परिवारों को फायदा पहुंचेगा। बता दें कि 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि इससे सरकार पर कुल 75 हजार करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा।

मिडिल क्लास को साधने की रणनीति

मिशन 2019 से पहले मोदी सरकार ने बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। सरकार ने टैक्स सीमा को दो गुना कर दिया है। सरकार ने इनकम टैक्स लिमिट को 2.50 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपया कर दिया है। इससे सीधा-सीधा 3 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।

कर्मचारियों को साधने का प्रयास

सरकार ने सभी कर्मचारियों के साधने के लिए ग्रेच्युटी के दायरे को बढ़ाने की भी घोषणा की है। ग्रेच्युटी का भुगतान 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इससे अब नौकरी करने वाले लोगों को ग्रेच्युटी की रकम ज्यादा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि घर खरीदने वालों के लिए जीएसटी घटाने पर विचार किया जा रहा है। जीएसटी काउंसिल इस पर विचार कर रही है और जल्द फैसला किया जाएगा।

मजदूरों को साधने की कोशिश
लोकसभा चुनाव में मजदूरों को साधने के लिए भी सरकार ने ठोस कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषण में कामगारों के लिए न्यू पेंशन स्कीम शुरू करने का ऐलान किया। संगठित क्षेत्र में काम करने वाले और हर महीने 21 हजार रुपए कमाने वाले लोगों को 7 हजार रुपए सालाना बोनस देने की घोषणा की । इसके अलावा 60 साल से ज्यादा उम्र वाले मजदूरों को प्रति महीने 3000 रुपए का पेंशन दी जाएगी। इस योजना के तहत 10 करोड़ मजदूर इस पेंशन योजना के तहत आएंगे। पीयूष गोयल ने बजट में ऐलान किया कि श्रमिक की मौत पर अब 2.5 लाख रुपए की बजाय 6 लाख रुपए मुआवाजा दिया जाएगा।

मनरेगा का बजट
बजट में मनरेगा के तहत 60000 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि हमारी कोशिश है कि गांव की आत्मा को बरकरार रखते हुए वहां भी शहरों जैसी सुविधाएं मिले। इसके लिए हम प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के जरिए गांव को शहर से जोड़ने का काम किया है।

महिलाओं पर भी विशेष ध्यान

सरकार ने वर्ष 2019 के अंतरिम बजट में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण मिशन के लिए 1330 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। बजट भाषण में पीयूष गोयल ने ऐलान किया कि उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए मातृवंदना योजना लागू की गई।

गाय पालन को बढ़ावा देने पर जोर

मोदी सरकार के एजेंडे में गाय को बचाना और उसका पालन करना भी रहा है। मोदी सरकार में गौ रक्षा एक चुनौती बनती जा रही थी। सरकार ने गाय पालन को बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु योजना का ऐलान। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए 750 करोड़ रुपए का ऐलान किया है। साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए कर्ज में 2 फीसदी की छूट दी गई है।

ग्रामीण इलाके को डिजिटल करने पर फोकस

पीयूष गोयल ने बजट भाषण में प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजना को विशेष महत्व दिया । उन्होंने कहा कि अगले 5 साल में 1 लाख डिजिटल गांव बनाए जाने का लक्ष्य रखा है। कुल मिलाकर सरकार ने चुनाव से पहले बड़ा दांव चला है।