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मोदी सरकार के पास लोगों को लुभाने का आखिरी मौका, सबकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना बड़ी चुनौती

सरकार के सामने एक नहीं बल्कि कई मोर्चों पर मतदाताओं को लुभाने का चुनौतियां हैं। यही कारण है कि इन सभी मोर्चों पर खरा उतरना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 1 Feb 2019, 11:28 AM IST

Budget

मोदी सरकार के पास लोगों को लुभाने का आखिरी मौका, सबकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना बड़ी चुनौती

नई दिल्‍ली। दो महीने बाद लोकसभा चुनाव है। इसलिए मोदी सरकार के पास नोटबंदी, जीएसटी, टैक्‍स दर, बेरोजगारी आदि कारणों से नाराज करोड़ों मतदाताओं को लुभाने का आखिरी मौका है। बताया जा रहा है कि हर बार की तरह इस बार मोदी सरकार भी अंतरिम बजट को चुनावी बजट के रूप में पेश करेगी। लेकिन सरकार के लिए ऐसा करना आसान भी नहीं है। ऐसा इसलिए कि सरकार के पास एक नहीं बल्कि कई मोर्चों पर मतदाताओं को लुभाने का चुनौतियां हैं। यही कारण है कि इन सभी मोर्चों पर खरा उतरना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ग्रामीण बजट में 1.3 लाख की बढ़ोतरी
जनकारी के मुताबिक मोदी सरकार बजट में ग्रामीण क्षेत्र के लिए बड़ी घोषणा कर सकती है। इसके लिए ग्रामीण कल्याणकारी योजनाओं के फंड बढ़ाया जा सकता है। मिनिस्ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपए का ऐलान किया जा सकता है। इस वित्त वर्ष में यह 1.12 लाख करोड़ रुपए है। देश की दो तिहाई आबादी गांवों में है। लोकसभा चुनाव भी नजदीक है। ऐसे में 80 करोड़ की आबादी को लुभाने के लिए सरकार के पास यह आखिरी मौका है।

7 करोड़ लोगों को जॉब गारंटी योजना
पीयूष गोयल रूरल वेलफेयर स्कीम के लिए फंड बढ़ा सकते हैं। बेरोजगारी की समस्या से लड़ने के लिए रूरल डेवलपमेंट में सबसे अधिक आवंटन रूरल जॉब गारंटी प्रोग्राम के लिए संभव है। रूरल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री इस पर विचार कर रही है कि जॉब प्रोग्राम के तहत काम कर रहे 7 करोड़ लोगों की मजदूरी भी बढ़ाई जाए। जॉब गारंटी प्रोग्राम (मनरेगा) के लिए 60 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की जा सकती है।

हर साल 15 हजार रुपए राहत देने की योजना
सरकार बजट में किसानों के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा कर सकती है। इसके तहत हर किसान के खाते में पैसे आएंगे। नीति आयोग ने भी ऐसी सिफारिश की है जिसमें किसानों के खाते में हर साल 15 हजार रुपए डालने की बात कही गई है। किसानों को जमीन के हिसाब से सहायता राशि मिलेगी। इस योजना को लागू करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्तमान में देश के करीब 3 करोड़ किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड है1 इसके अलावा सरकार किसानों के प्रति परिवार को सालाना आठ से दस हजार रुपए देने का प्रस्‍ताव, तीन लाख रुपए तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज, दो या तीन लाख तक लोन बिना गिरवी के मुमकिन, फसल बीमा योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपए का फंड और फसल बीमा का प्रीमियम माफ करने जैसी योजना का ऐलान संभव है।