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रफाल सौदा: राहुल के आरोपों पर रक्षा मंत्री सीतारमण का पलटवार, कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है

तत्कालीन रक्षा मंत्री पर्रिकर ने डिफेंस सेक्रटरी की फाइल नोटिंग के जवाब में कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब ठीक हैं।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 8 Feb 2019, 3:33 PM IST

sitharam,an

रफाल सौदा: राहुल के आरोपों पर रक्षा मंत्री सीतारमण का पलटवार, कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है

नई दिल्‍ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रफाल सौदे को लेकर राहुल गांधी के सारे आरोप झूठे हैं। इस सौदे के बारे में सारी जानकारी दी जा चुकी है। रक्षा मंत्री ने अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट पर कहा कि न्‍यूजपेपर को पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए। बता दें कि राफेल डील पर एक अखबार में छपी रिपोर्ट पर संग्राम छिड़ा है।

पर्रिकर का जवाब छिपाया
इस विवाद पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में सरकार की तरफ से जवाब दिया। रक्षा मंत्री ने न्यूजपेपर की रिपोर्ट से सरकार पर हमलावर कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि अखबार ने पूरी सच्चाई सामने नहीं रखी। उन्होंने कहा कि अखबार को रक्षा सचिव के कॉमेंट पर रक्षा मंत्री के जवाब को भी छापना चाहिए था। सीतारमण ने कहा कि तत्कालीन रक्षा मंत्री पर्रिकर ने डिफेंस सेक्रटरी की फाइल नोटिंग के जवाब में कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है, सब ठीक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विदेशी ताकतों के हाथों खेल रही है और देश को नुकसान पहुंचा रही है।

एकपक्षीय रिपोर्ट
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में तत्कालीन रक्षा सचिव के एक नोटिंग के हवाले से दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले में समानांतर बातचीत कर रहा था। इस बारे में रक्षा मंत्रालय की ओर से इस समानांतर बातचीत पर आपत्ति और चिंता व्यक्त की गई थी। गुरुवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला किया। कुछ देर बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इस रिपोर्ट पर ही सवाल उठाया और उसे एकपक्षीय करार दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि नोटिंग के नीचे ही तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने जबाव दिया था, जिसे अखबार ने एकपक्षीय रिपोर्ट करते हुए नहीं छापा।

रिपोर्ट में दावा क्या है
अंग्रेजी अखबार में दावा किया गया है कि भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल सौदे के दौरान रक्षा मंत्रालय के समानांतर पीएमओ भी बातचीत कर रहा था। अखबार ने तत्कालीन रक्षा सचिव मोहन कुमार के एक नोटिंग के हवाले से यह दावा किया। रक्षा सचिव ने तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को अपनी चिंता जाहिर की थी। अब सरकार का कहना है कि अखबार ने रक्षा सचिव का नोट तो छापा, लेकिन उसके नीचे लिखे पर्रिकर के उस जवाब को नहीं छापा, जिसमें उन्होंने साफ किया था कि सबकुछ ठीक है।