Lok Sabha Election 2019: खंडित आया जनादेश तो राष्ट्रपति को तुरंत सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे विपक्षी दल

Lok Sabha Election 2019: खंडित आया जनादेश तो राष्ट्रपति को तुरंत सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे विपक्षी दल

Dhiraj Kumar Sharma | Updated: 23 May 2019, 10:33:12 AM (IST) राजनीति

  • देश की 17वीं लोकसभा चुनाव का नतीजे आज
  • विपक्ष ने अपनाई देखो और इंतजार करो की नीति
  • खंडित जनादेश की स्थिति में तत्काल सरकार बनाने का दावा पेश करेगा विपक्ष

नई दिल्ली। देश की 17वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव के वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। जल्द ही नतीजे भी सामने आना शुरू हो जाएंगे। पूरे देश के साथ हर राजनीतिक दल की नजर इस चुनाव के नतीजों पर टिकी है। एग्जिट पोल के इशारों के बाद विपक्ष और ज्यादा अलर्ट हो गया है। एनडीए बहुमत के आंकड़े से दूर रह जाता है तो विपक्ष अपनी रणनीति पर काम शुरू कर देगा। इस रणनीति के तहत विपक्ष तुरंत सरकार बनाने का दावा पेश कर सकता है। दरअसल फिलहाल विपक्ष ने देखो और इंतजार करो की नीति अपनाई हुई है।


सात चरणों में चुनाव संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल ने भले ही एनडीए और भाजपा को जीत के लिए आश्वस्त किया हो, लेकिन विपक्ष ने अब भी उम्मीद नहीं छोड़ी है। यही वजह है कि यूपीए में भी लगातार बैठकों के जरिये आगे की रणनीति पर काम चल रहा है। इस रणनीति के तहत विपक्ष के सभी दल एकजुट होकर पहले सरकार बनाने की कवायद में जुट जाएंगे।

 

opposition

'देखो और इंतजार' करो की नीति
सभी गैर-राजग दल 'देखो और इंतजार करो' की नीति पर काम कर रहे हैं। इन दलों के सभी शीर्ष नेता एक दूसरे के संपर्क में है ताकि विपक्ष में किसी तरह की फूट ना हो और एकजुटता बनी रहे। इतिहास खुद को दोहराता है और रुझान के साथ ही नतीजे भी वर्ष 2004 की तरह एग्जिट पोल के विपरित आते हैं तो विपक्षी दल मिलकर राष्ट्रपति से तत्काल संपर्क करेंगे।



कर्नाटक का मॉडल दोहराने की कोशिश
जिस तरह कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा पेश किया था कमोबेश वही तरीका विपक्ष इस बार लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद अपनाने की कोशिश में है। आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई लेकिन सरकार बनाने में असफल रही। यहां कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन कर राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया और सरकार बनाने में सफल रही।

राष्ट्रपति को खत में ये लिखा
विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार बनाने के जिस दावे के लिए राषट्रपति को पत्र में जो लिखा है वो ये है कि, नतीजों के ऐलान के बाद जब 17वी लोकसभा के गठन की अधिसूचना जारी की जाए तो हमें भी सरकार बनाने के लिए 272 सदस्यों की सूची सौंपने का मौका दिया जाए। लिहाजा हमारे अनुरोध पर विचार किया जाए। इस पत्र पर आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, डीएमके सुप्रिमो एम के स्टालिन, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल प्रमुख रूप से शामिल हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मत भी शामिल
सरकार बनाने के दावे को विपक्ष कितना गंभीर ले रहा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति को लिखे पत्र के साथ कानूनी विशेषज्ञों का मत भी लगाया गया है। इस कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक खंडित जनादेश के हालात में किसे सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए, इस बात का जिक्र किया गया है।

 

ramnath kovind

तय करना राष्ट्रपति पर निर्भर
एग्जिट पोल के नतीजों में जो भी सामने आया हो, लेकिन अगर ये नतीजों में तब्दील नहीं हो पाते हैं और जनादेश खंडित आता है तो विपक्षी दलों की तैयारी पूरी है। ऐसे में दावा पेश करने के बाद ये निर्णय पूरी तरह से राष्ट्रपति के विवेक पर निर्भर करता है कि वे किसे पहले मौका देंगे। सबसे बड़ी पार्टी को या फिर गठबंधन को।

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