
नई दिल्ली। INX मीडिया केस में पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। चर्चा यह है कि चिदंबरम की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद चिदंबरम फोन बंद कर गायब हैं।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और चिदंबरम की अग्रिम जमानत पर CJI रंजन गोगोई सुनवाई करेंगे। करीब 10 साल पहले कुछ ऐसा ही मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुआ था, जब एजेंसियां उनके पीछे पड़ी थीं और उस वक्त गृह मंत्री पी चिदंबरम थे। लेकिन, अब समय बदल गया है और सियासी खेल भी।
पुरानी कहावत है राजनीति में कब, क्या, कहां और कैसे हो जाए यह कोई नहीं जानता? यह कहावत आज चिदंबरम केस में चरितार्थ हो रहा है। दरअसल, यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान जब पी चिदंबरम देश के गृह मंत्री थे, उस वक्त सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामला चरम पर था। इस मामले में वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह पर कार्रवाई की गई थी।
25 जुलाई 2010 को सीबीआई ने अमित शाह को गिरफ्तार भी किया था और जेल में डाल दिया गया था। वहीं, अब अमित शाह देश के गृह मंत्री हैं और सीबीआई-ईडी INX मीडिया केस में पी चिदंबरम को जेल में डालने के लिए तैयार हैं। चिदंबरम के घर और संभावित स्थलों पर अधिकारी चक्कर लगा रहे हैं।
क्या हुआ था शाह के साथ ?
25 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीबीआई ने अमित शाह को गिरफ्तार किया था। शाह करीब तीन महीने तक जेल में रहे। इसके बाद दो सालों के लिए शाह को गुजरात से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। लंबी सुनवाई के बाद साल 2015 में स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने शाह को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
वहीं, अब पी चिदंबरम पर INX मीडिया मामले में रिश्वत लेने का आरोप लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है और पूर्व गृह मंत्री सुप्रीम कोर्ट के शरण में हैं। अब देखना यह है कि चिदंबरम को जमानत मिलती है या फिर वो जेल जाते हैं।
Updated on:
21 Aug 2019 05:48 pm
Published on:
21 Aug 2019 04:14 pm
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