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पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की रैली आज, ममता के किले से साधेंगे मिशन 2019

पश्चिम बंगला के मिदनापुर में आज पीएम मोदी की किसान रैली। इन तीन वजहों से है मिशन 2019 को साधने की तैयारी।
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 16 Jul 2018, 9:13 AM IST

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पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की रैली आज, ममता के किले से साधेंगे मिशन 2019

नई दिल्ली। मिशन 2019 करीब है, ऐसे में राजनीतिक दलों की नजर अब अपने वोट बैंक की जुगत में चारों तरफ दौड़ रही हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के यूपी दौरे के बाद आज पश्चिम बंगाल के मिदनापुर शहर में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे पार्टी की योजनाओं खास तौर पर हाल में बढ़ाए गए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में जनता को जानकारी देंगे।

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फिर देशाटन पर निकले मोदी
पांच साल से सत्ता में लौटने की कांग्रेस और विरोधियों की कसक हो या फिर सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा की चाहत हर कोई जी जान से तैयारियों में जुटा है। भाजपा की बात की जाय तो इस बार भी उनके पास मोदी चेहरे के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लिहाजा मोदी ने भी अपने विजयी रथ को एक बार फिर देशाटन के लिए निकाल दिया है। यूपी के बाद अब बारी है पश्चिम बंगाल की। प. बंगाल के मिदनापुर में पीएम मोदी आज एक रैली को संबोधित करने जा रहे हैं। उनकी यह रैली मिदनापुर कॉलेज ग्राउंड में दोपहर बाद होगी। यह प्रधानमंत्री का राज्य का इस साल का पहला दौरा होगा।


भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा के मुताबिक, यह एक ऐतिहासिक सभा होने जा रही है। मोदी की आगामी यात्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच बहुत उत्साह पैदा किया है। मोदी दोपहर करीब 12.30 बजे मिदनापुर पहुंचेंगे और सीधे रैली स्थल जाएंगे।


बंगाल में जनाधार की तलाश
साल 2014 के बाद से भाजपा ने मोदी चेहरे के साथ जिस राज्य पर नजर डाली तकरीबन हर राज्य में विजयी पताका फहराई। फिर वो जीत छोटी हो या बड़ी मायने नहीं रखती, लेकिन एक कसक जो अब भी बाकी है वो पश्चिम बंगाल। जी हां बंगाल में लगातार कोशिशों के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को यहां सफलता नहीं मिली है। यही वजह है कि जनाधार की तलाश में अब पीएम मोदी ने खुद मोर्चा संभाला है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, 'मिदनापुर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली यह बताती है कि लोकसभा चुनावों के लिए बंगाल हमारे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में से एक है।

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रैली से पहले फंसा एक पेंच
पीएम मोदी की रैली से पहले ही एक बड़ा पेंच फंस गया है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह निजी बस संचालकों को सोमवार को होने वाली रैली में बीजेपी कार्यकर्ताओं को साधन नहीं मुहैया कराने की धमकी दे रही है। बहरहाल ये राजनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन पीएम मोदी की इस साल प. बंगाल की पहली रैली है ऐसे में ये देखना जरूरी है कि पार्टी को इस रैली से वोट जुगत का कितना फायदा होगा।

मोदी रैली की ये तीन बड़ी वजह
1. लोकसभा की 22 सीटों पर नजर
भारतीय जनता पार्टी चाहती है कि इस बार पश्चिम बंगाल की 42 सीट में से कम से कम 22 सीटों पर जीत दर्ज कर सके। ऐसे में उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर कोई चेहरा नहीं होगा जो उनके इस लक्ष्य को साधने में मददगार साबित हो।
2. पंचायत चुनाव में बेहतर स्थिति
पिछले कुछ समय में भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति में सुधार किया है। खास तौर पर भाजपा अध्यक्ष के लगातार दौरों ने पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया है। यही वजह रही कि पंचायत चुनाव में पार्टी दूसरे स्थान पर रही।
3. बनी रहे जीत की लहर

पंचायत चुनावों में उपचुनावों में वह मजबूत बनकर उभरी है। यही नहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की 29 जून को पुरुलिया जिले में हुई जनसभा के महज 17 दिन बाद ही मिदनापुर में प्रधानमंत्री की यह रैली की बड़ी वजह है कि पंचायत चुनाव में मिली कामयाबी का माहौल लोकसभा चुनाव तक बना रहे। पार्टी चाहती है कि इस जीत के माहौल को सीटों में तब्दील किया जा सके।