
पीएम नरेंद्र मोदी को उपहार मिली वस्तुओं की हुई नीलामी, 5 हजार की मूर्ति 10 लाख में बिकी
नई दिल्ली। देश के साथ-साथ दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल में उनको उपहार में मिली चीजों की कीमत बेस प्राइस से ज्यादा 200 गुना ज्यादा बिकीं। जी हां पीएम मोदी को मिली 1800 वस्तुओं की नीलामी की गई। खास बात यह है कि इन चीजों की बिक्री को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और तय कीमत से 200 गुना ज्यादा तक में ये चीजें खरीदी गईं।
पिछले महीने शुरू हुई नीलामी की इस प्रक्रिया के पूरे होने को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी। हालांकि, यह साफ नहीं किया गया है कि नीलामी से कितनी राशि प्राप्त हुई। इस धनराशि का इस्तेमाल केन्द्र सरकार की परियोजना नमामि गंगे के तहत गंगा नदी की सफाई के लिए किया जाएगा।
5 हजार की मूर्ति 10 लाख में बिकी
पीएमओ से मिली जानकारी के मुताबिक जिन वस्तुओं की नीलामी की गई उसमें अधिक मूल्य पाने वाली वस्तुओं में भगवान शिव की एक मूर्ति भी रही। इस मूर्ति का आधार मूल्य पांच हजार रुपये रखा गया था और इसकी नीलामी 10 लाख रुपये में हुई है जो कि इसकी वास्तविक कीमत से 200 गुना अधिक है।
4 हजार के अशोक स्तंभ की प्रतिकृति 13 लाख में बिकी
इसके अलावा अशोक स्तंभ की लकड़ी की एक प्रतिकृति का आधार मूल्य 4 हजार रुपये रखा गया था, जिसकी नीलामी 13 लाख रुपये में हुई। जबकि असम के माजुली से मिली एक पारंपरिक होराई (असम राज्य का एक पारंपरिक प्रतीक- एक स्टैंड के साथ ट्रे) की नीलामी 12 लाख रुपये में हुई। इसका आधार मूल्य 2 हजार रुपये था। वहीं, चार हजार रुपये आधार मूल्य वाली गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा की नीलामी 7 लाख रुपये में हुई है।
नैशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट (एनजीएमए) में आयोजित नीलामी के दौरान विशेष रूप से दस्तकारी की हुई लकड़ी की एक बाइक 5 लाख रुपये में बिकी। इसी तरह एक अनोखी पेंटिंग की भी नीलामी हुई जिसमें एक प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दर्शाया गया है। इस तस्वीर के जरिए पीएम मोदी का रेलवे से जुड़ाव दिखाया गया है।
गंगा की सफाई में खर्च होगी एकत्र राशि
आपको बता दें कि गुजरात में बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए भी नरेंद्र मोदी को मिले उपहारों की नीलामी की गई थी, तब प्राप्त राशि को बालिकाओं की शिक्षा पर खर्च किया गया था, जबकि इस बार एकत्र राशि का इस्तेमाल पवित्र नदी गंगा की सफाई में करने का निर्णय लिया गया है।
Updated on:
11 Feb 2019, 10:46 AM IST
Published on:
11 Feb 2019, 9:32 AM IST
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