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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत देवभूमि आएंगे

कांग्रेस राहुल व प्रियंका को बुलाने की तैयारी में
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नई दिल्ली

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Navyavesh Navrahi

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Updated: 6 Feb 2019, 3:02 AM IST

Modi, Koli community

अब तक कोली समुदाय का उपयोग वोट बैंक राजनीति के लिए होता रहा: मोदी

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनाव-2019 को भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करने देवभूमि पहुचेंगे। पीएम का उत्तराखंड दौरा 14 फरवरी को संभावित है। इस बीच पीएम केदारनाथ में हुए पुनर्निर्माण कार्यों का लोकार्पण कर सकते हैं। चुनावी माहौल के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का चार दिवसीय दौरा भी है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पहले ही ( 2 फरवरी) देवभूमि से आगामी लोकसभा चुनावी-2019 का शंखनाद कर दिया है।

भाजपा जिस हिंदुत्तव के एजेंडे को लेकर चलती रही है, उनसे देवभूमि का अहम नाता है। इसके चलते भाजपा ने राज्य की पांचों लोकसभा सीटों पर कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पांचों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी। जहां सधी हुई रणनीति के तहत पीएम मोदी कुमाऊं के रुद्रपुर में जनसभा करेंगे। वहीं भागवत चार दिनो स्वयं सेवकों के साथ बैठक कर संगठन की मजबूती का मंत्र देंगे।

इसके साथ ही राज्य में चार त्रिशक्ति सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। पहला सम्मेलन दो फरवरी को देहरादून में संपन्न हो चुका है। इसके बाद पौड़ी, अल्मोड़ा व नैनीताल संसदीय क्षेत्रों के त्रिशक्ति सम्मेलन 10 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) पहुंचेंगे।

भाजपा की धारदार रणनीति की जवाबी कारवाई में कांग्रेस महकमा भी जवाबी तैयारी में जुट गया है। भाजपा आलाकमान की काट में कांग्रेस भी अपने शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी को देवभूमि पर बुलाने की तैयारी में हैं। इसके लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह जल्द ही
दिल्ली जा रहे हैं।

प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार राम मंदिर के बारे में राय पूछ रहे हैं। केंद्र, यूपी में प्रचंड बहुमत की सरकार भाजपा की, राम मंदिर का वादा भी भाजपा का फिर पांच साल में क्यों नहीं बनवाया मंदिर। लोकसभा चुनाव-2019 में भी इनका यही मुद्दा था भाजपा राम के नाम पर सिर्फ राजनीति ही करती ही आई है।

राजनीतिक विशलेषकों का कहना है कि जहां भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 70 में 57 सीटों पर कब्जा जमाया था वहीं निकाय चुनाव में भी अच्छा प्रर्दशन किया। भाजपा आलाकमान राज्य में आगामी लोकसभा चुनाव को जहां लेकर सक्रीय हो गया है। वहीं प्रीतम सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनें दो साल होने वाले हैं, लेकिन उनकी कार्यकारणी तक नहीं बनी। पूर्व सीएम हरीश रावत अलग यात्राएं निकाल रहें हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता राज्य में झांकने भी नहीं आया। ऐसे में चुनाव के नतीजे देखने लायक होंगे।