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स्मृति ईरानी बोलीं, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश ने ममता के तमाशे को रोका

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को न्यायालय के फैसले को अपनी नैतिक जीत बताने के बदले पूरे मामले का अवलोकन करना चाहिए और इस बारे में चिंता करनी चाहिए।
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नई दिल्ली

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Navyavesh Navrahi

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Updated: 11 Feb 2019, 10:55 AM IST

smriti irani

स्मृति ईरानी बालीं, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश ने ममता के तमाशे को रोका

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि 'अराजकतावादी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक तमाशे' पर सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश से रोक लगाई है। इसी के तहत कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और शारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच में सहयोग के आदेश दिए गए हैं। केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने कहा कि चिटफंड घोटाले से '20 लाख गरीब पीड़ित हैं।‘ मामले की निष्पक्ष जांच सुनश्चित करने के लिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार जताया।

ईरानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि- ‘इस परिप्रेक्ष्य की ओर भी देखे जाने की जरूरत है कि राजीव जी को एक निष्पक्ष जगह शिलांग में सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इससे यह साबित हो जाता है कि मौजूदा स्थिति में बंगाल में अराजकता का माहौल है।‘

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को न्यायालय के फैसले को अपनी नैतिक जीत बताने के बदले पूरे मामले का अवलोकन करना चाहिए और इस बारे में चिंता करनी चाहिए।

ईरानी ने कहा कि- ‘इसे नैतिक जीत मानना ममता बनर्जी ब्रांड की राजनीति का एक विरोधाभास है। मुझे लगता है कि सर्वोच्च न्यायालय का पुलिस आयुक्त को शिलांग में पेश होने का आदेश देना अपने आप में यह दिखाता है कि वे पश्चिम बंगाल में निष्पक्षता की उम्मीद नहीं करते हैं।‘ एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में, यह उनके लिए गौर करने का मामला होना चाहिए..न कि खुशी मनाने का।‘

पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं की रैली और कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने के सवाल पर ईरानी ने कहा कि- ‘दीदी नहीं समझती हैं, लेकिन भाजपा और अन्य पार्टियों के राजनेताओं को रोकने से, वह असल में लोकतांत्रित प्रक्रिया को बाधा पहुंचा रही हैं।‘

उन्होंने कहा कि- ‘यह पहली बार नहीं है कि ममताजी ने भाजपा की रैलियों को रोकने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया है। वह पहले ही अमित शाह के कार्यक्रम में बाधा डाल चुकी हैं।‘

उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि ज्यादा से ज्यादालोग भाजपा की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में इसका सबूत देखा जा सकता है। यह मायने नहीं रखता है कि दीदी कितनी रैलियों को रोकती हैं। पश्चिम बंगाल के नागरिक भाजपा की विचारधारा को बहुत अधिक समर्थन दे रहे हैं।'