
शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों से साथ बैठक में हिस्सा लेंगी सुषमा स्वराज
नई दिल्ली। पिछले साल उस वक्त जब देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, भारतीय जनता पार्टी की बेबाक और फायरब्रांड नेता सुषमा स्वराज ( sushma swaraj ) ने बड़ी घोषणा कर दी थी। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नवंबर में ऐलान किया था कि वह 2019 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। हालांकि इसके पीछे क्या वजह रही, सुषमा ने यह भी बताया था।
2014 में भारी बहुमत से जीत हासिल करने वाली भाजपा के लिए सुषमा की यह घोषणा बहुत बड़ी क्षति थी। राजनीतिक विश्लेषकों ने भी स्वराज के सक्रिय राजनीति से खुद को अलग करने को पार्टी के लिए बड़ी क्षति माना था। भाजपा का प्रमुख चेहरा मानी जाने वाली सुषमा पार्टी में प्रमुख पदों पर आसन्न रही थीं।
सुषमा स्वराज ने यह यह घोषणा मध्य प्रदेश के इंदौर में विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान के दौरान की थी। 2019 का लोकसभा चुनाव न लड़ने के पीछे सुषमा स्वराज ( Sushma Swaraj ) ने अपने स्वास्थ्य को प्रमुख वजह बताया था।
मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा सांसद सुषमा स्वराज 2014 में लगातार दूसरी बार इस सीट से चुनाव जीती थीं। सुषमा स्वराज इस घोषणा के दौरान मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा के प्रचार में जुटी हुई थीं।
भाजपा की मुखर और वाकपटु नेता सुषमा स्वराज ( Sushma Swaraj ) को पार्टी में मजबूत पद मिलता रहा। उन्होंने हर मोर्चे पर न केवल खुद को साबित किया बल्कि तमाम मौकों पर दिए उनके बयान आज भी लोग नहीं भूलते हैं।
Updated on:
7 Aug 2019, 7:47 AM IST
Published on:
7 Aug 2019, 12:26 AM IST
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