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कांग्रेस से किस बात का बदला ले रहे हैं अल्‍पेश ठाकोर?

लोकसभा चुनाव में हार के बाद अल्‍पेश ठाकोर ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला। डिप्‍टी सीएम नितिन पटेल से मिलकर कांग्रेस को दिया पार्टी छोड़ने का संकेत। अल्‍पेश ठाकोर का दावा है कि कांग्रेस केे आधे से ज्‍यादा विधायक परेशान।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 28 May 2019, 3:31 PM IST

Alpesh

कांग्रेस से किस बात का बदला ले रहे है अल्‍पेश ठाकोर?

नई दिल्‍ली। अक्‍टूबर, 2018 में गुजरात में घटी एक सियासी घटना ने ऐसा मोड़ लिया कि उन्‍हें कांग्रेस के सभी पदों से इस्‍तीफा देना पड़ा। इस बात से ठाकोर सेना के प्रमुख अल्‍पेश ठाकोर सख्‍त नाराज चल रहे थे। तभी से ठाकोर सेना के प्रमुख ऐसे मौके की तलाश में थे जिससे वो कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल सकें।

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ऐन मौके पर ठाकोर ने खोला मोर्चा

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार ने उनकी ये चाह पूरी कर दी। इसका लाभ उठाते हुए उन्‍होंने मंगलवार को कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ कर दिया 15 विधायक कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं। इतना ही नहीं उन्‍होंने यहां तक कह दिया था कि हर कोई व्यथित है। कांग्रेस के आधे से ज्यादा विधायक परेशान हैं। बता दें कि वो सोमवार को अल्‍पेश गुजरात के डिप्‍टी सीएम नितिन पटेल से मिले थे। तभी से इस बात की भी चर्चा है कि वो भाजपा में शामिल हो सकते है।

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अल्‍पेश कांग्रेस से इस घटना के बाद से थे नाराज

दरअसल, अक्‍टूबर 2018 में गुजरात में बिहारियों सहित उत्तर भारतीयों पर हमले और तत्पश्चात हजारों की संख्या में प्रवासियों के वहां से पलायन के लिए अल्‍पेश ठाकोर को जिम्‍मेदार ठहराया गया था। सात महीने पहले इस घटना को लेकर चारों तरफ से घिरे अल्‍पेश की कांग्रेस नेताओं ने उस समय कोई मदद नहीं की थी। बशर्ते कि उन्‍हें कांग्रेस के सभी पदों से इस्‍तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।

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कांग्रेस समाप्‍त कराना चाहती है विधायकी

बात यहीं तक सीमित नहीं है। 25 अप्रैल, 2019 को कांग्रेस के दो विधायकों ने अल्पेश ठाकोर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गुजरात विधानसभा सचिव को लिखा पत्र था। इसका मकसद गुजरात के राघनपुर से कांग्रेस के विधायक अल्पेश ठाकोर को विधायक पद से हटाना था। कांग्रेस के दोनों नेताओं ने अपने पत्र में कहा था कि अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस से सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के लिए बनासकांठा और उंझा सीट पर प्रचार भी किया था। लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। इसलिए ठाकोर की विधानसभा सदस्‍यता समाप्‍त कर दी जाए।

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इस्‍तीफा देने के लिए होना पड़ा मजबूर

बता दें कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता अल्पेश ठाकोर 2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर राधनपुर सीट से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 10 अप्रैल, 2019 को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस्‍तीफा देने से पहले उन्होंने कहा था कि ठाकोर समाज को कांग्रेस की ओर से अपमान और धोखा मिला है। उन्‍होंने कांग्रेसी नेताओं पर पक्षपात और पार्टी में सम्मान न मिलने की बात कहकर कांग्रेस से इस्तीफा दिया था।

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