दरअसल, अक्टूबर 2018 में गुजरात में बिहारियों सहित उत्तर भारतीयों पर हमले और तत्पश्चात हजारों की संख्या में प्रवासियों के वहां से पलायन के लिए अल्पेश ठाकोर को जिम्मेदार ठहराया गया था। सात महीने पहले इस घटना को लेकर चारों तरफ से घिरे अल्पेश की कांग्रेस नेताओं ने उस समय कोई मदद नहीं की थी। बशर्ते कि उन्हें कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था।