
राजा भैया ने अपनी पत्नी भानवी सिंह से तलाक के लिए दिल्ली में साकेत फैमिली कोर्ट में अर्जी डाली है।
भानवी सिंह को जानने से पहले हम थोड़ा राजा भइया के बारे में जान लेते हैं। राजा के दादा बजरंग बहादुर सिंह हिमाचल प्रदेश के लेफ्टिनेंट गर्वनर थे। पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर यानी VC भी थे। बजरंग बहादुर ने राजा के पिता उदय प्रताप सिंह को गोद लिया था। प्रतापगढ़ की भदरी रियासत में 31 अक्टूबर 1967 को कुंवर रघुराज प्रताप सिंह का जन्म हुआ।
19 साल में बन गए विधायक
राजा भैया 19 अक्टूबर 1967 को पैदा हुए। लेकिन 10वीं की मार्कशीट के अनुसार वह 1969 में पैदा हुए। तीसरी जानकारी में और झोल है। 2012 के चुनाव के दौरान उन्होंने जो नामांकन पत्र जारी किया उसमें अपनी उम्र 38 साल बताई। इसके आधार पर माने तो 1993 में वह 19 साल के थे जब पहली बार विधायक बने। जबकि चुनाव लड़ने की उम्र 25 है। राजा ने 2012 में सफाई देते हुए कहा, "प्रमाण पत्र में छपि उम्र के लिए मैं नहीं वो टाइपिस्ट जिम्मेदार है जिसने गलत टाइप किया, मैं कोई महिला थोड़े हूं जो अपनी उम्र छिपाऊं।"
कुंडा शुरुआती विधानसभा कांग्रेस का गढ़ रही
कुंडा विधानसभा शुरुआती साल में कांग्रेस का गढ़ रही। 1962 से लेकर 1989 तक लगातार 5 बार यहां कांग्रेस के नियाज हसन विधायक रहे। बीजेपी को यहां आखिरी जीत 1991 में मिली थी, तब शिव नारायण मिश्रा ने यहां भगवा झंडा लहराया था। उन्होंने कांग्रेस के नियाज हसन को मात दी थी।
1993 के बाद से लगातार विधायक हैं राजा भइया
1993 के बाद से राजा भैया 7 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2017 के चुनाव में निर्दलीय मैदान में उतरे राजा भैया ने बीजेपी के जानकी शरण को 103647 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस चुनाव में राजा भैया को 136597 वोट मिले थे। वहीं, बीजेपी के जानकी शरण को केवल 32950 वोट मिल पाए थे। 2022 के चुनाव में राजा भैया को 76620 वोट मिले। गुलशन यादव को 49867 वोट हासिल हुए। ऋयानी राजा भैया ने 26753 मतों से जीत हासिल की।
ये रहा राजा भइया का राजनीतिक सफर। अब हम आपको उनकी पत्नी शादी और बच्चों के बारे में बताएंगे।
साल 1995 में राजा भइया की शादी भानवी सिंह से हुई
राजा भइया की शादी साल 1995 में भानवी से हुई। भानवी कुमारी सिंह का सीधा संबंध बस्ती के राजघराने से हैं। दरअसल, उनके पिता रवि प्रताप सिंह बस्ती राज के छोटे पुत्र हैं। कुंवर रवि प्रताप सिंह की चार बेटियां हैं, जिसमें भानवी सिंह उनकी तीसरे नंबर की बेटी है।
भानवी सिंह का जन्म 10 जुलाई 1974 में हुआ था। अगर पढ़ाई की बात करें तो भानवी सिंह की शुरुआती पढ़ाई बस्ती में ही हुई थी। भानवी ने 8वीं तक की पढ़ाई बस्ती के सेंट जोसेफ स्कूल से की।
भानवी सिंह के चार बच्चे हैं
इसके बाद भानवी सिंह अपनी मां मंजूल सिंह के साथ लखनऊ चल गईं। भानवी सिंह ने अपनी आगे की पढ़ाई लखनऊ से की। भानवी सिंह के चार बच्चे हैं। बेटों का नाम शिवराज और बृजराज है, तो वहीं, दोनों बेटियों का नाम राघवी और बृजेश्वरी है।
पिछले दो साल से राजा भइया की पत्नी साथ में नहीं रह रही हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजा भैया और भानवी सिंह पिछले दो साल से एक साथ नहीं रहे हैं। राजा भैया ने भानवी सिंह से अलग होने के लिए दिल्ली स्थित साकेत फैमली कोर्ट में तलाक की अर्जी भी दाखिल कर दी है। अर्जी पर सोमवार 10 अप्रैल को सुनवाई होनी थी। जज के छुट्टी पर होने की वजह से सुनवाई टल गई अब अब अगली सुनवाई 23 मई को है।
भानवी सिंह के पास एक पिस्टल और दो बैरल बंदूक है
राजा भैया उर्फ़ रघुराज प्रताप सिंह की पत्नी भानवी कुमारी सिंह के 80 हजारकी पिस्टल और तकरीबन 85 हजार का डबल बैरल बंदूक रखती है। निर्माण के धंधे में भानवी ने अच्छी खासी कमाई की है। वो राजा भैया के एक रिश्तेदार आशुतोष कुमार सिंह के साथ मिलकर पिछले 11 सालों से "श्री दा प्रापर्टीज लिमिटेड" नामक कंपनी चला रही हैं।
पीडीएस घोटाले में सुर्खियों में आया था भानवी का नाम
आमतौर पर सुर्ख़ियों से दूर रहने वाली भानवी अपने दो बेटों और बेटियों को लखनऊ के महंगे विद्यालयों में शिक्षा दिलवा रही हैं। भानवी का नाम उस वक्त सुर्ख़ियों में आया था जब राजा भैया के पूर्व पीआरओ ने उनका नाम यूपी के बहुचर्चित पीडीएस घोटाले में ले लिया था, जिसकी जांच सीबीआई कर रही थी भानवी और राजा भैया के साथ साथ तीन अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी के एक अन्य गंभीर मामले में 2013 में लखनऊ के अलीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
राजा भइया के पूर्व PRO ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया
फर्जीवाड़े की वो घटना जिसमें भानवी कुमारी सिंह के खिलाफ मामला चल रहा है। अखिलेश यादव के सत्ता में आने के बाद बेहद सुर्ख़ियों में रही थीं। राजा भैया के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी राजीव कुमार यादव ने डीएसपी जिया उल हक हत्याकांड के तत्काल बाद भानवी और राजा भैया पर धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करके खाता खुलवाने का आरोप
आरोप था कि राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उसके नाम से एक खाता खुलवाया था। इस काम में इन दोनों ने ड्राइवर रोहित और उसकी पत्नी मोनिका के अलावा एक बैंक के मैनेजर की मदद ली थी। राजीव का आरोप था कि इसके पहले जब उसने राजा भैया का साथ छोड़ा तो भानवी ने उसका फर्जी सिग्नेचर करके उसके बैंक खाते से पैसे निकलवा लिए। महत्वपूर्ण है कि भानवी के निजी बैंक में सलाहकार भी थी।
2011 में धोखाधड़ी के मामले में लगे थे गंभीर आरोप
धोखाधड़ी के इस आरोप के पहले अप्रैल 2011 में भी भानवी पर गंभीर आरोप लगे थे। राजीव कुमार यादव ने ही CBI को एक डायरी सौंपी थी, जिसमे यूपी में 2003-07 के बीच पीडीएस स्कीम में हुए तक़रीबन 100 करोड़ के घोटालों को लेकर कथित तौर पर चौकाने वाले सुबूत थे।
राजीव का दावा था कि पीडीएस में दो नंबर की रकम मैं सीधे भानवी कुमारी तक पहुंचाता था, यहं तक की भानवी ही सारा रिकार्ड मेंटेन करती थी । और दो नंबर के रकम का सारे लेन देन पर उनके ही काउंटर साइन हुआ करते थे। राजीव का आरोप था कि यह डायरी यूपी सचिवालय में उस वक्त बनाई गई थी जब पीडीएस के धन की बड़े पैमाने पर बंदरबांट की जा रही थी, उस वक्त खाद्य मंत्रालय राजा भैया के ही पास था।
राजा भइया के मुहं बोले भाई अक्षय प्रताप पर दर्ज कराया मुकदमा
खबर के मुताबिक, राजा भैया और उनकी भानवी सिंह के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है। हाल ही में दोनों के बीच संपत्ति विवाद भी सामने आया था। इस मामले में भानवी सिंह ने राजा भैया के मुंह बोले भाई अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा भी दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने अपने देवर पर उनसे जुड़ी हुई कंपनियों में उनकी जाली दस्तखत करके शेयर बेचने का आरोप लगाया है।
इस मामले में राजा भैया ने अपनी पत्नी भानवी सिंह का साथ न देकर अपने छोटे भाई अक्षय प्रताप का साथ दिया। इसके अलावा भी राजा भैया और उनकी पत्नी के बीच कई अन्य तरह के विवाद भी सामने आए हैं।
Published on:
11 Apr 2023 12:13 pm
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