
69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में 150 में से 142 नंबर, लेकिन 'टॉपर' छात्र को नहीं पता राष्ट्रपति का नाम
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की 69000 शिक्षक भर्ती के लिखित परीक्षा के परिणाम आने के बाद छात्रों में तमाम अंकपत्रों को लेकर रोष व्याप्त है। ओबीसी वर्ग में अर्चना तिवारी नाम की छात्रा के टॉप करने के बाद अब तीन अभ्यर्थियों के फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर पास हुए धर्मेंद्र, विनोद समेत तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि धर्मेंद्र को परीक्षा में 150 में से 142 अंक मिले हैं। लेकिन हैरान कर देने वाली तस्वीर तब सामने आई एएसपी अशोक वेंकटेश ने उससे देश के राष्ट्रपति का नाम पूछा और धर्मेंद्र इसका जवाब नहीं दे सका। इसके बाद सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए लेकिन इसका जवाब भी नहीं दे पाया। फर्जीवाड़ें में मदद करने वालों में पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल का नाम सामने आया है।
20 अभ्यर्थियों के नाम शामिल
एएसपी ने कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा में तीनों छात्र चीटिंग से पास हुए हैं। उन्होंने परीक्षा में बड़ा फेर किया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के पास से मिली डायरी में 20 अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं। इनमें 18 का चयन होने का पता चला है। अभी सिर्फ तीन पकड़े गए हैं। अन्य 17 की तलाश की जा रही है। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बाकी चीजें सामने आ सकेंगी।
टीईटी में 80 में से 70 अंक
बता दें कि 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने परिणाम आने के बाद से ही धांधली का आरोप लगाया जा रहा है। उनका कहना था कि फूलपुर, सोरांव, बहरिया आदि क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा अंक पाए हैं। आरोप था कि लगभग 34 अभ्यर्थियों ने 140 नंबर पाए जबकि टीईटी के दौरान 70 से 80 अंक थे। यह भी कहा गया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. कृष्ण लाल पटेल ने अपने करीबियों को फर्जीवाड़ा करके ज्यादा नंबर दिलाए हैं। इसमें पेपर आउट से लेकर कई तरह की सेटिंग का आरोप लगाया गया है।
Published on:
07 Jun 2020 10:16 am
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