2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार को किया तलब, जानिए वजह

अवमानना याचिका के अनुसार हाईकोर्ट ने याचियों की संविदा बढ़ाने और उन्हें वेतन देने का आदेश दिया था। उस आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन का अवसर देते हुए कहा कि आदेश का अनुपालन नहीं होने रजिस्ट्रार व दो अन्य को अगली सुनवाई पर उपस्थित होना होगा।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

प्रयागराज

•

image

Sumit Yadav

•

Updated: 22 Jul 2022, 8:56 AM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार को किया तलब, जानिए वजह

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विद्यापीठ के रजिस्ट्रार को किया तलब, जानिए वजह

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी विद्यापीठ में संविदा शिक्षकों की सेवा विस्तार और उनके वेतन भुगतान से जुड़े आदेश का अनुपालन न करने पर वहां के रजिस्ट्रार व दो अन्य को तलब किया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि 29 मार्च 2022 के आदेश का अनुपालन होने पर उन्हें हाजिर होने की जरूरत नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने डॉ. मनोहर लाल व चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। अवमानना याचिका के अनुसार हाईकोर्ट ने याचियों की संविदा बढ़ाने और उन्हें वेतन देने का आदेश दिया था।

उस आदेश का अब तक अनुपालन नहीं किया गया। कोर्ट ने आदेश के अनुपालन का अवसर देते हुए कहा कि आदेश का अनुपालन नहीं होने रजिस्ट्रार व दो अन्य को अगली सुनवाई पर उपस्थित होना होगा।

यह भी पढ़ें: चीफ जस्टिस की बेंच में हुआ खुलासा: अवैध मकान ढहाने वाले पीडीए का अपने ही भवन का नक्शा गायब, चेयरमैन तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीआईओएस जौनपुर नरेन्द्र देव पांडेय को अवमानना नोटिस

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नरेन्द्र देव पांडेय जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर को अवमानना नोटिस जारी की है और एक माह में आदेश का अनुपालन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि प्रथमदृष्टया आदेश की अवमानना का केस बनता है। यदि पालन नहीं किया गया तो कोर्ट सम्मन जारी कर आरोप निर्मित करेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अजीत कुमार श्रीवास्तव की अवमानना याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता घनश्याम मौर्य ने बहस की। इनका कहना है कि कोर्ट ने विपक्षी को याची की ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्देश दिया है।जिसका पालन नहीं किया जा रहा है।जिसपर कोर्ट ने डी आई ओ एस को पक्षकार बनाते हुए आदेश पालन का मौका दिया है।

बड़ी खबरें

View All

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश