
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी पर करें पुनर्विचार
प्रयागराज: प्राइवेट स्कूलों में लगातार फीस बढ़ोत्तरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को फिर से पुर्नविचार करने के लिए विचार करने को कहा है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से निजी स्कूलों में फीस बढ़ोत्तरी पर उसके द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने को कहा है। यह आदेश जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की बेंच ने एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल ऑफ यूपी की याचिका पर यह आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनिवार्य रूप से, राज्य सरकार द्वारा 7 जनवरी, 2022 को COVID स्थिति के मद्देनजर प्रतिबंध लगाया गया था, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि स्कूल बंद थे और आम तौर पर लोगों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
इसी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने यह तर्क देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया कि राज्य सरकार ने प्रतिष्ठानों और संस्थानों के सामान्य व्यवसाय को बंद करने के मद्देनजर 7 जनवरी का आदेश पारित किया था। हालांकि, बाद में अपने आदेश दिनांक 11 फरवरी, 2022 के तहत सरकार ने सभी प्रतिष्ठानों और संस्थानों को फिर से काम करने की अनुमति दी है और इस प्रकार, पूर्ण प्रतिबंध को जारी रखने का कोई मतलब नहीं है।
याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क दिया कि शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल, 2022 को शुरू होना है, जिस तारीख से पहले, संबंधित क़ानून के संदर्भ में याचिकाकर्ता संघ के सदस्यों द्वारा फीस संरचना की अनुसूची अपलोड की जानी है।
Updated on:
18 Mar 2022 11:52 am
Published on:
18 Mar 2022 11:52 am
