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राजनीतिक होड़ में रिकॉर्ड बना गई 127वीॆं अंबेडकर जयंती

अंबेडकर जयंती मनाने को लेकर जिस तरह यूपी के राजनीतिक दलों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, वह इससे पहले देखा नहीं गया था।
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प्रयागराज

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Akhilesh Kumar Tripathi

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Updated: 14 Apr 2018, 4:48 PM IST

Ambedkar Politics in Up

यूपी में अंबेडकर जयंती पर राजनीतिक दलो में होड़

इलाहाबाद. उत्तर प्रदेश में बाबा साहेब का नाम क्या परिवर्तित हुआ, सूबे की सियासत में अंबेडकर को लेकर सभी राजनीतिक दलों में उन्हें अपना कहने की होड़ सी मच गई है । अंबेडकर जयंती मनाने को लेकर जिस तरह यूपी के राजनीतिक दलों में प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, वह इससे पहले देखा नहीं गया था। इस बार जितना अंबेडकर के नाम पर संगोष्ठी व्याख्यान और कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, उसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी पीछे छोड़ दिया ।

14 अप्रैल 2018 बाबा साहब की जयंती समारोह एक यादगार समारोह की तरह याद की जाएगी,क्योंकि इस बार बाबा साहब को नमन करने और उन्हें अपना अगुआ बताने की सभी राजनीतिक दलों में बड़ी होड़ लगी हुई है । सुबह से शाम तक राजनीतिक दलों के बड़े नेता बाबा साहब की मूर्ति पर माल्यार्पण कर यह दर्शाना दिखाना और बताना चाहते रहे कि बाबा साहब के बताए हुए रास्तों पर उनका सियासी दल और वह चल रहे हैं।

इलाहाबाद में भी बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने और उनको अपना बताने से सपा बसपा और कांग्रेस कोई भी पीछे नहीं रहा। बीते कुछ दिनों से सूबे की सियासत में सपा- बसपा के साथ आने के बाद जो राजनीतिक मायने बदले हैं, उसका आज बड़ा असर देखने को मिला। जहां बसपा के कार्यकर्ता अंबेडकर जयंती को धूमधाम से मनाते थे, तो वहीं इस बार सपा भी इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

गौरतलब है कि बाबा साहब इस समय सबसे ज्यादा प्रासंगिक तब हो गए जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर दलित चिंतक दलित नेता ने आंदोलन को एक दिशा दे दी । और फिर से प्रदेश में या कहें कि पूरे देश में दलित राजनीति को केंद्र में खड़ा कर दिया। बीजेपी केंद्र की सत्ता में आने के बाद से लेकर यूपी में स्थापित होने पर भाजपा संघ और उनका विचार परिवार दलित उत्थान पर काम कर रहा है । ऐसे में आज संघ ने बाबा साहब की जयंती को एक मुहिम की तरह मनाया। गली कूचों से लेकर चौराहों पर बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

कुछ दिनों से जिले के कार्यक्रमों से दूर रहने वाले केशव प्रसाद मौर्या भी शनिवार को अपने गृह नगर इलाहाबाद पहुंचे। संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव रामजी अम्बेडकर के 127वें जन्म दिवस के मौके पर डिप्टी सीएम ने इलाहाबाद में हाईकोर्ट के अम्बेडकर चौराहे पर डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार डॉ अम्बेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दलितों के हितों के लिए भाजपा लगातार संघर्षरत है और इस मौके पर बाबा साहब के सपनों को पूरा करने के लिए संकल्प भी ले रहे हैं। वहीं डिप्टी सीएम ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती जी बौखलायी रहती हैं और भाजपा की ओर से बाबा साहब को सम्मान दिया जा रहा है, वह भी मायावती को बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा साहब से जुड़े पंचस्थलों को तीर्थ के रुप में विकसित करने का काम शुरु किया है। उन्होंने कहा है कि दलितों पिछड़ों और शोषित वंचितों के जीवन में खुशहाली लाने की जो भाजपा की कोशिश है उसे बसपा सुप्रीमो सहन नहीं कर पा रही है।

वहीं भाजपा के बाबा साहेब अम्बेडकर और दलित प्रेम पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा है कि भाजपा अम्बेडकर जन्ती मनाकर दो अप्रैल को हुई घटना का प्रायश्चित कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार में दलितों के उत्पीड़न का भी गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस ने ही सही मायने में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने ही बाबा साहब को संविधान सभा का सभा पति और देश का पहला कानून मंत्री बनाया था।

BY- PRASOON PANDEY

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