
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ के पहले गंगा-यमुना कैसे साफ होगी यह सवाल अब और गहराता होता जा रहा है। इस सवाल को गंभीरता से लेते हुए NGT ने UP के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। गंगा में प्रदूषण को लेकर एनजीटी काफी शख्त है। मुख्य सचिव यूपी की अध्यक्षता में एनजीटी ने उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव के साथ ही जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के सचिव शामिल हुए। इस दौरान तय किया गया कि दो महीने के अंदर मुख्य सचिव यूपी की अध्यक्षता वाली इस कमेटी को इसकी रिपोर्ट एनजीटी में देनी होगी कि महाकुंभ से पहले गंगा और यमुना को कैसे प्रदूषण मुक्त करेगें। इस मामले में अगली सुनवाई 29 नवंबर 2024 को की जाएगी।
NGT ने जिलाधिकारी प्रयागराज पर लगाया था 20 हजार का जुर्माना
Mahakumbh 2025: इसी साल NGT ने गंगा, यमुना नदी में सीवेज का पानी छोड़े जाने पर रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए प्रयागराज डीएम पर 20 हजार रूपए का जुर्माना लगाया था। हालांकि इस मामले में गंगा, यमुना नदी में सीवेज का पानी छोड़े जाने पर एनजीटी ने रिपोर्ट दाखिल करने में देरी के लिए प्रयागराज डीएम पर जुर्माना लगाया था। हालांकि इस मामले में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए प्रयागराज के डीएम का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील द्वारा दो सप्ताह का समय मांगा गया था। और अब गंगा यमुना में प्रदूषण को लेकर NGT ने मुख्य सचिव से जवाब मांगा है।
Updated on:
25 Sept 2024 10:53 pm
Published on:
25 Sept 2024 10:53 pm
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