3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिवाली पर घर में झालर लगाते समय न करें ये 4 गलतियां, करंट और आग का हो सकता है खतरा

दिवाली की सजावट में इस्तेमाल होने वाली झालरें छोटी-सी लापरवाही से हादसे की वजह बन सकती हैं। लाइट लगाने से पहले इन जरूरी सावधानियों को जान लें।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Adarsh Thakur

•

Updated: 2 Nov 2026, 1:20 PM IST

Diwali Lighting Safety

सांकेतिक इमेजः Gemini

दिवाली पर घर को रंग-बिरंगी झालरों और सजावटी लाइटों से सजाने की तैयारी शुरू हो जाती है। छत, बालकनी, मुख्य दरवाजे और खिड़कियों पर लगी रोशनी त्योहार की खूबसूरती बढ़ा देती है। लेकिन सजावट के दौरान बिजली की सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। पुरानी या कटी हुई तारों वाली झालर, गीले हाथों से प्लग छूना और एक ही सॉकेट पर कई लाइटें लगाना करंट लगने या आग लगने की वजह बन सकता है। इसलिए दिवाली की लाइटिंग करते समय इन 4 गलतियों से बचना जरूरी है।

1. गीले हाथों से न छुएं प्लग और स्विच

दिवाली से पहले घरों में साफ-सफाई और सजावट का काम चलता है। कई बार लोग सफाई के तुरंत बाद गीले हाथों से बिजली के प्लग, स्विच या तार छू लेते हैं। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।

पानी और नमी की मौजूदगी में बिजली का झटका लगने का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए लाइट लगाने से पहले हाथ अच्छी तरह सुखा लें। फर्श गीला हो तो बिजली के कनेक्शन के पास काम करने से बचें। सफाई के दौरान बिजली के उपकरणों को बंद रखना भी जरूरी है।

2. कटी या खराब तारों वाली झालर न लगाएं

पिछले साल इस्तेमाल की गई झालरों को लोग अक्सर बिना जांचे दोबारा लगा देते हैं। लंबे समय तक रखे रहने से इनके तारों की बाहरी परत खराब हो सकती है। प्लग टूट सकता है या कनेक्शन ढीले पड़ सकते हैं।

ऐसी झालरों का इस्तेमाल करने से करंट लगने, स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। लाइट लगाने से पहले तार, प्लग और कनेक्शन अच्छी तरह जांच लें। अगर कहीं तार कटा हुआ है या अंदर की वायर दिखाई दे रही है, तो उस झालर का इस्तेमाल न करें। केवल टेप लगाकर खराब तार को सुरक्षित मान लेना सही नहीं है। बेहतर है कि उसे बदल दें।

3. एक ही सॉकेट पर न लगाएं कई लाइटें

दिवाली पर घर को ज्यादा रोशन करने के लिए कई लोग एक ही सॉकेट में मल्टीप्लग या एक्सटेंशन बोर्ड लगाकर उससे कई झालरें जोड़ देते हैं। इससे सॉकेट और तारों पर उनकी क्षमता से ज्यादा बिजली का भार पड़ सकता है।

ओवरलोड होने पर तार और प्लग गर्म हो सकते हैं। इससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए एक्सटेंशन बोर्ड की निर्धारित क्षमता का ध्यान रखें। एक के ऊपर दूसरा मल्टीप्लग या एक्सटेंशन बोर्ड लगाने से बचें। जरूरत से ज्यादा कनेक्शन होने पर योग्य इलेक्ट्रिशियन की मदद लें।

4. बाहर लाइट लगाते समय न करें लापरवाही

बालकनी, छत, बगीचे और मुख्य दरवाजे पर लाइट लगाते समय बारिश, ओस और नमी का ध्यान रखना जरूरी है। घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बनी झालर को खुले स्थान पर लगाना सुरक्षित नहीं होता।

बाहर के लिए ऐसी लाइटें चुनें जो संबंधित मौसम और जगह के अनुकूल हों। उनके प्लग और कनेक्शन को पानी से बचाकर रखें। तारों को ऐसी जगह न फैलाएं जहां लोग बार-बार पैर रखते हों या दरवाजे से दबने का खतरा हो। धातु की रेलिंग या गीली सतह के संपर्क में तार आने से भी बचाएं।

दिवाली पर लाइटिंग करते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

  • अच्छी गुणवत्ता और भरोसेमंद निर्माता की लाइटें खरीदें।
  • लाइट लगाने से पहले बिजली की सप्लाई बंद रखें।
  • सीढ़ी पर चढ़कर लाइट लगाने का काम सावधानी से करें। जरूरत पड़ने पर किसी दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
  • झालरों को पर्दों, कपड़ों और कागज जैसी ज्वलनशील चीजों से दूर रखें।
  • सोने से पहले और घर से बाहर जाते समय सजावटी लाइटें बंद कर दें।
  • प्लग या तार गर्म होने, जलने की गंध आने या चिंगारी दिखने पर तुरंत सुरक्षित तरीके से बिजली बंद करें और इलेक्ट्रिशियन को बुलाएं।

इन सावधानियों को अपनाकर आप दिवाली की रोशनी को सुरक्षित और आनंददायक बना सकते हैं। यदि बिजली से जुड़ी कोई समस्या हो, जैसे सॉकेट गर्म होना, जलने जैसी गंध आना या बोर्ड बार-बार ट्रिप होना तो तुरंत बिजली बंद कराकर किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से संपर्क करें।

दिवाली की तैयारी से पहले अपने घर की वायरिंग और सॉकेट्स की जांच करवा लें। यह छोटी-सी तैयारी बड़ी दुर्घटना से बचा सकती है।