
प्रतीकात्मक तस्वीर
Maharashtra Coronavirus update: कोरोना वायरस ने एक बार फिर महाराष्ट्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। करीब तीन साल बाद राज्य में कोविड के मामलों में दोबारा बढ़ोतरी देखने को मिली है। खासतौर पर पुणे में पिछले कुछ दिनों में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल इसे कोरोना की नई लहर नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि वायरस अब फ्लू जैसे अन्य सांस से जुड़े संक्रमणों की तरह समय-समय पर बढ़ता और घटता रहेगा।
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक राज्य में कोरोना के 48 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि इनमें किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। जुलाई महीने में अब तक सबसे ज्यादा 21 संक्रमित मरीज मिले हैं। इससे पहले जनवरी में 3, फरवरी में 1 और जून में 11 मामले सामने आए थे।
पुणे के जहांगीर अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयूष चौधरी का कहना है कि पिछले 8 से 10 दिनों में अस्पताल में ही कोविड के 7 से 8 मरीज सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक अस्पताल में इतने मामले मिल रहे हैं तो शहर में वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हो सकती है। हालांकि सभी मरीजों में संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और किसी को गंभीर परेशानी नहीं हुई है।
डॉक्टरों के मुताबिक, मौजूदा कोविड संक्रमण में मरीजों को ज्यादातर खांसी, जुकाम, गले में खराश और थकान जैसी शिकायतें हो रही हैं। ये लक्षण आमतौर पर 3 से 5 दिन में ठीक हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का संक्रमण ओमिक्रॉन से भी हल्का नजर आ रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर मरीज कोरोना जांच कराने अस्पताल नहीं पहुंचे थे। कई लोग दूसरी बीमारी के इलाज, सर्जरी से पहले होने वाली जांच या डॉक्टर की सलाह पर किए गए टेस्ट में पॉजिटिव मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हल्के लक्षण वाले कई लोग जांच नहीं कराते, इसलिए संक्रमण का वास्तविक आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है।
सिम्बायोसिस और जुपिटर हॉस्पिटल की विशेषज्ञ डॉ. सुजाता रेगे के मुताबिक, पहले कम जांच होने के कारण कई मामले सामने नहीं आते थे। अब अपर रेस्पिरेटरी पैनल टेस्ट ज्यादा किए जा रहे हैं, जिसमें कोविड की पहचान भी हो जाती है।
जुपिटर हॉस्पिटल की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. श्रद्धा कुलकर्णी ने भी कहा कि अभी सभी मामले सामान्य हैं, लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों तक स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूर रखें। खांसी, सर्दी या बुखार होने पर मास्क पहनें और दूसरों से दूरी बनाए रखें। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम, कमजोर होती इम्युनिटी और नए वेरिएंट के कारण कोरोना के मामले भविष्य में भी समय-समय पर बढ़ सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे फ्लू के मामले बढ़ते हैं।
Updated on:
18 Jul 2026 11:42 am
Published on:
18 Jul 2026 11:42 am
