
रायबरेली. सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में राज्यसभा सदस्य व अभिनेत्री रेखा ने अपनी निधि से गांवों में कई सारी योजनाओं के लिए एक करोड़ रुपए का बजट देने का ऐलान किया है। गांवों में सामुदायिक केंद्रों व सुलभ शौचालय के लिए लगभग एक करोड़ के बजट की कार्ययोजना को मंजूरी देने की कोशिश की गयी है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे और इससे आम जनता को फायदा भी मिलेगा।
रायबरेली में बहुउद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र के लिए जिले में कुछ गांवों को चुना गया है। जैसे, खीरों ब्लाक के गांव अजीतपुर, दीनशाह गौरा, सरेनी के काली गांव, अमावां के घुराडीह को चुना गया है। इन सभी केंद्रों के निर्माण में लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने की उम्मीद की जा रही है। अपने परिवार में होने वाली शादी ब्याह के लिए इस केंद्र का इस्तेमाल बिना किसी शुल्क के ग्रामीण कर सकेंगे। उधर प्रशासनिक अधिकारियों को गांव में विकास कार्यों की बैठक करने के लिए दूसरी जगह नहीं तलाशनी पड़ेगी। इसके अलावा वकीलों को भी इस बजट में फायदा मिलेगा। इधर महाराजगंज तहसील में अधिवक्ताओं और वादकारियों की सहूलियत के लिए लगभग 18.50 लाख की लागत से डीलक्स सुलभ शौचालय बनाये जाने की योजना तैयार की गई है। इसकी कार्ययोजना काफी पहले तैयार हो चुकी है। कांग्रेस कार्यालय ने इसके संबंध में प्रस्ताव बनाकर सांसद रेखा को फरवरी में भेजा गया था। अब इसे मंजूरी मिल गई है। रायबरेली प्रशासन को सांसद निधि से बजट मिलते ही इन सभी प्रस्तावित योजनाओं का कार्य जल्द शुरू जायेगा।
रायबरेली में विकास कार्यों के लिए कई सांसदों ने सहयोग किया है। यह सब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष व जिले की सांसद सोनिया गांधी के प्रयासों से ही संभव हो सका है। अभिनेत्री रेखा द्वारा फिर से बहुउद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र व सुलभ शौचालय बनाने की मंजूरी मिली है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि पेयजल और सौर्य ऊर्जा पर सांसद का फोकस-
अभिनेत्री रेखा रायबरेली में विकास कार्यों के लिए पूर्व में भी लगभग 3.50 करोड़ रुपये सांसद निधि से दे चुकी हैं। इस बजट से खासकर पेयजल और सौर्य ऊर्जा के लिए काम किया गया है। क्योंकि रायबरेली में पेयजल की समस्या से यहां की जनता सबसे ज्यादा लड़ रही है। फिर चाहे पीने की लिये पानी हो या किसानों के लिए खेती। इसलिए स्थानीय कांग्रेसजनों ने इन मूलभूत सुविधाओं के लिए सबसे ज्यादा प्रस्ताव भेजे और उन्हें मंजूरी भी मिल चुकी है। लगभग 70 फीसद कार्य पूर्ण हो चुके हैं और आगे इन योजनाओं का कार्य जल्द पूरा होने की स्थिति में है।