डलमउ गांव निवासी राकेश कुमार 40 वर्षी भूमिहीन था। वह मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता था। परिवार में पत्नी व चार बच्चे सूरज 10, शिवानी 8, प्रियांशी 5 व शिवा 2, है। राकेश बीड़ी पीने का लती था। लगभग एक साल पहले उसे गले में तकलीफ हुई। डलमउ सीएचसी में इलाज से फायदा न मिलने पर वह जिला अस्पताल पहुंचा। यहां उसे कई तरह की जांचे लिखी गई और लखनऊ भेजा गया। केजीएमयू में जांच कराने पर पता चला कि उसे कैंसर है। यह बात सुनकर राकेश का परिवार सदमें में चला गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वह अपना इलाज नहीं करा सका। गले में दर्द लगातार बढ़ता चला गया। रविवार रात उसने घर के पास ही कुएं में छलांग लगा दी। सुबह जब वह बिस्तर पर नहीं मिला तो घर वाले खोजबीन करने लगें। कुछ देर में पता चला कि राकेश का शव कुएं में पड़ा है। पुलिस के पहुंचने के बाद शव बाहर निकाला गया।