डॉक्टरों ने कहा- ठीक हो जाएगी आपकी लाडली, बिगड़ी हालत तो खड़े कर दिए हाथ, फिर थम गई सांस

डॉक्टरों ने कहा- ठीक हो जाएगी आपकी लाडली, बिगड़ी हालत तो खड़े कर दिए हाथ, फिर थम गई सांस

Chandu Nirmalkar | Publish: Sep, 07 2018 04:25:36 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

परिजनों ने बताया कि बच्ची को तेज बुखार, सिर दर्द, पेट में मरोड़ व दस्त की शिकायत थी। ये लक्षण डेंगू के ही हैं।

रायपुर/राजनांदगांव. रायपुर के अंबेडकर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही से डेंगू से सोमनी क्षेत्र भेड़ीकला-भाटापारा की रहने वाली 11 वर्षीय हर्षिता यादव की मौत का मामला सामने आया है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं है। मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में सामान्य बुखार बताया गया है।

मासूम के पिता मदन यादव ने बताया कि बच्ची को 20 अगस्त को बुखार आया। 22 अगस्त को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां पर डाक्टरों ने जांच के बाद सामान्य बुखार बताकर दवाई देकर छुट्टी कर दी। दवाई खाने के बाद भी बच्ची की स्थिति नहीं सुधरी। परिजन उसे फिर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बच्ची को तेज बुखार, सिर दर्द, पेट में मरोड़ व दस्त की शिकायत थी। ये लक्षण डेंगू के ही हैं।

दो दिन अस्पताल में रखने के बाद डॉक्टरों ने फिर छुट्टी दे दी । इसके बाद 27 अगस्त को फिर से बच्ची की तबीयत बिगड़ी। उसे फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां के डॉक्टरों ने 28 अगस्त को बच्ची को राजधानी के आम्बेडकर अस्पताल रेफर कर दिया।

पिता मदन ने बताया कि आम्बेडकर अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। लाख मिन्नत के बाद बच्ची को भर्ती किया। इसके बाद भी डॉक्टर केस बिगड़ जाने और दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कहते रहे। वहां के डाक्टरों ने बच्ची को निमोनिया व डेंगू होने की बात कही। आखिरकार 4 सितंबर को बेटी की मौत हो गई।

समय पर मिल जाता इलाज तो बच जाती जान
मासूम के परिजनों ने राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और आम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मासूम के पिता ने कहा कि अस्पताल बड़े हैं, लेकिन यहां इलाज एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं करते, यहां स्टूडेंट के भरोसे काम होता है। यदि बेटी को समय पर इलाज की सुविधा मिल जाती, तो शायद वह बच जाती है। शासन-प्रशासन से डॉक्टरों की लापरवाही की लिखित शिकायत की जाएगी।

मामले की होगी जांच
अंबेडकर अस्पतला अधीक्षक डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि मामले की अभी जानकारी नहीं है। यदि शिकायत आती है तो जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी नहीं है
राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ.प्रदीप बेक ने बताया कि बच्ची की मौत रायपुर अस्पताल में हुई है, तो इसके बारे में जानकारी नहीं है। यहां भर्ती थी, तो क्या जांच और इलाज हुई है। इसे देखकर ही बता पाऊंगा।

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