
छत्तीसगढ़ के इस शहर में 104 लोगों के खून में मिले इस खतरनाक वायरस के लक्षण
रायपुर/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिवक्ता अनिमेष तिवारी ने गुरुवार को हाईकोर्ट में नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र) की रैपिड रिस्पांस टीम की सर्वे रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें राजधानी के नहरपारा इलाके नयापारा और तेलीपारा वार्ड-27 और 39 में 17-50 वर्ष के लोगों में संक्रमण ज्यादा होने की बात कही गई थी।
इन जगहों से 97 खून के सैंपलों में 58 में पीलिया व 38 सैंपलों से 28 हेपेटाइटिस-इ पाया गया। साथ ही उनके द्वारा पानी की जांच रिपोर्ट में भी बैक्टीरिया होने की पुष्टि की गई थी। सुनवाई के दौरान ही कोर्ट के समक्ष गुंडरदेही में भी दूषित पानी से लोगों के बीमार पडऩे की बात सामने आई। इस पर कोर्ट ने वहां की जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश शासन को दिए। मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
निगम ने कहा- नहरपारा में बदलेगी पाइप लाइन, डॉक्टर तैनात
रायपुर के नहरपारा में पीलिया फैलने के मामले में सुनवाई के दौरान रायपुर निगम ने हाईकोर्ट में गुरुवार को बताया कि वहां पर टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि 3 हजार लीटर के 30 से ज्यादा टैंकर क्षेत्र में तीन जगहों पर 24 घंटे तैनात हैं। साथ ही वहां की पूरी पाइप लाइन भी बदलने का काम शुरू किया जा रहा है। स्थिति पर नजर रखते हुए डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है, जो कि लोगों का परीक्षण कर इलाज कर रही है।
चार वर्ष पुरानी याचिका
रायपुर के मुकेश देवांगन की पत्नी की 4 वर्ष पूर्व पीलिया से मौत होने पर मुआवजे के लिए दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न्यायमित्रों को नियुक्त कर जल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के संबंध में सुझाव देने के निर्देश दिए थे। न्यायमित्रों ने प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग की जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नहरपारा क्षेत्र में इ-कोलाइ के वायरस मिले हैं, जिससे 104 लोगों को पीलिया का संक्रमण है और कई बीमार हैं।
Published on:
4 May 2018, 12:39 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.