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रायपुर – भिलाई में जमकर चल रही रेमडेसिविर की कालाबाजारी, डॉक्टर सहित चार पकड़ाए

- 10 से लेकर 16 हजार रुपए में बेच रहे थे रेमडेसिविर इंजेक्शन . - रायपुर पुलिस में फिजियोथैरेपिस्ट भी गिरफ्तार .
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Black marketing of Remdesivir

रायपुर/ भिलाई .रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें दो की गिरफ्तारी रायपुर से हुई है और दो भिलाई के सुपेला से दबोचा गया है। आरोपियों में से एक जगदलपुर के शासकीय अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर भी है। ये सभी एक-एक इंजेक्शन 10 से लेकर 16 हजार रुपए में बेच रहे थे। बाजार में इसका वास्ताविक मूल्य 850 रुपए से लेकर 5400 रुपए है।

पुलिस के मुताबिक रायपुर के रोहणीपुरम निवासी फिजियोथैरेपिस्ट विक्रम सिंह कुछ दिनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन 16 हजार में बेच रहा था। खरीदारों ने इसका वीडियो बना लिया और पुलिस को दिया। वीडियो के आधार पर विक्रम को हिरासत में ले लिया। इस दौरान मेडिकल स्टोर में काम करने वाले सूर्यकांत यादव के बारे में भी पुलिस को भनक लगी। सूर्यकांत 10-10 हजार रुपए में इंजेक्शन बेच रहा था। पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया। देर रात को दोनों के खिलाफ आमानाका थाने में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

भिलाई में ड्रग विभाग के अधिकारी पहुंचे ग्राहक बनकर
दुर्ग के एसपी प्रशांत ठाकुर ने बताया कि ड्रग विभाग ने इजेंक्शन की कालाबाजारी को लेकर फोर्स की मदद मांगी थी। जिसके बाद सुपेला इलाके में ड्रग विभाग के अधिकारी खरीदार बनकर पहुंचे। इसके बाद कुलेश्वर पटेल और डॉक्टर पीयूष शुक्ला से रेमडेसिविर इंजेक्शन के बारे में पूछा। दोनों ने एक इंजेक्शन की कीमत 13 हजार रुपए बताते हुए सौदा किया। इसके बाद ड्रग विभाग ने दोनों को पकड़ लिया और सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जाता है कि डॉ पीयूष शुक्ला जगदलपुर के शासकीय हॉस्पिटल में पदस्थ है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन का सौदा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल उनके पास से इंजेक्शन बरामद नहीं हुआ है।
- रमाकांत साहू, टीआई, रायपुर