
Jungle Safari Raipur : जंगल सफारी में पिछले एक माह से नौका विहार बंद है। यहां 20 सीटर बोट का इस्तेमाल पर्यटकों के लिए किया जाता है, लेकिन मरम्मत के बाद से ही यह खराब हो गया है। इसके चलते पर्यटक नौका विहार का आनंद नहीं ले पा रहे हैं और मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। यह समस्या पिछले एक वर्ष से चली आ रही है।
सितंबर 2023 में पुणे से मंगाया था बेल्ट
20 सीटर बोट में खराबी 2022 में मोटर बेल्ट के टूटने की वजह से आई थी। इस कारण यह एक वर्ष तक बंद रहा। जब जी-20 सम्मेलन में विदेशी मेहमान पहुंचे थे, तब पुणे से सितंबर 2023 में बेल्ट मंगाकर लगाया गया था। जो दिसंबर 2023 तक ठीक से चला, लेकिन जनवरी एक सप्ताह में अचानक बोट फिर से खराब हो गया, जो अब तक के ठीक नहीं हुआ है। फिलहाल बोर्ड किस कारण बंद है, इस पर जिम्मेदार कुछ बोलने से कतरा रहे हैं, क्योंकि मोटर बोट में बेल्ट सहित कई तकनीकी खराबी है।
जंगल सफारी की ये है खासियत
बाघ, शेर, तेंदुआ व बायसन (गौर) सहित जंगल सफारी में तितली उद्यान हैं। बाड़े के सामने कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो लोगों को वन्यप्राणियों के बारे में बताने के साथ-साथ पर्यटकों पर नजर रखेंगे, ताकि पर्यटकों द्वारा वन्यप्राणियों से छेड़छाड़ ना कर सकें। जंगल सफारी में सफारी व जू के लिए प्रति व्यक्ति 150 रुपए, सिर्फ सफारी के लिए 100 रुपए व जू के लिए 50 रुपए तय है। स्कूल के छात्रों के लिए 25 रुपए जू व सफारी के लिए 25 रुपए निर्धारित है। स्कूली बच्चों को प्राचार्य से एक आवेदन लेकर आने के बाद ही विशेष छूट दी जाती है।
31 दिसंबर 2016 में नौका विहार का हुआ था शुभारंभ
तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जंगल सफारी में 31 दिसंबर 2016 में नौका विहार सुविधा का शुभारंभ किया था। 180 एकड़ में फैले खंडवा जलाशय में पर्यटकों के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। जब से बोट खराब हुई है, तब से लोग जू और सफारी का आनंद उठाते हैं, लेकिन नौका विहार के पास पहुंचते हैं, तो बंद की तख्ती देखकर वापस लौट जाते हैं। इससे नए साल का जश्न से लेकर अभी तक जंगल सफारी घूमने वाले पर्यटकों के जश्न में खलल पड़ रही है। साथ ही सफारी की आमदनी पर भी इसका असर देखने को मिल रह है।
Published on:
20 Feb 2024 07:45 am
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