आवाज सुनकर कुछ पीछे चल रहा उसका बेटा बबलू भागते हुए वहां पहुंचा। हालत देखकर उसने बिना घबराए तीनों भालूओं पर हाथ-मुक्के से प्रहार करना शुरू कर दिया। बबलू के आने से भालू घबरा गए और उन्होंने उसे भी अपना शिकार बनाना चाहा। पर वह पूरी ताकत से उन पर हमला करता रहा। आखिरकार दोनों को घायल छोड़कर भालू जंगल की ओर निकल भागे।