
12 साल की उन्नति ने अपनी सूझबूझ से बचाई छोटे भाई की जान
रायपुर. बहादुर बच्चों की वीरता और सूझबूझ से छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके काफी प्रभावित हुईं। राज्यपाल ने उन्हें अपनी ओर से 21-21 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। वर्ष 2020 में वीरता पुरस्कार के लिए चयनित रायपुर के टिकरापारा की रहने वाली 12 वर्षीय उन्नति शर्मा के मामा के घर में आग लग गई थी। आग लगने के दौरान उसका छोटा भाई घर पर था। उन्नति ने समझदारी दिखाते हुए घर में विद्युत आपूर्ति बंद कर दी और अपने भाई को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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राज्यपाल अनुसुईया उइके को बच्चों ने अपनी सूझबूझ के किस्से विस्तार से सुनाए। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों ने इतनी कम उम्र में ही अपनी सतर्कता से लोगों की जिंदगियां बचाई है, जो बहुत ही प्रेरणादायी है। इस मौके पर बच्चों के अभिभावक, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष चंद्रेश शाह और महासचिव डॉ. अशोक त्रिपाठी उपस्थित थे। बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा प्रतिवर्ष साहसिक कार्य करने वाले राज्य के बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है। वर्ष 2020 के लिए परिषद द्वारा उन्नति शर्मा (रायपुर), जान्हवी राजपूत (धमतरी), दुर्गेश सोनकर (दुर्ग) तथा वर्ष 2021 के लिए अमन ज्योति जाहिरे (कोरबा) व शौर्य प्रताप चंद्राकर (धमतरी) को वीरता पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।
3) यह भी पढ़ें: [typography_font:14pt;" >राजभवन में राज्य वीरता पुरस्कार प्राप्त बच्चों ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को रजत पदक, प्रशस्तिपत्र तथा 15-15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया। यह राशि छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा वर्ष 2020 और 2021 के लिए वीरता पुरस्कार हेतु चयनित 5 बच्चों को दी गई।
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Published on:
11 Feb 2022 12:17 am
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